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ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary

by आचार्य ब्रह्मगुप्त

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DevanagariHindipublished737 pages

Page 626 of 737

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Page 626

( २४० )
भगणाद्यमिष्टशेषं कदेंदुदिवसे खेर्गुरु दिने वा ।
ज्ञदिने वायः कथयंति कुदाकारं स जानाति ॥ २३ ॥
ज्ञदिने यदंशशेषं विकलाशेषं कदा न दिंदु दिने ।
भानोरथवा शशिनो यः कथयति कुटकज्ञः सः ॥ २४ ॥
इष्टेषुमान दिवसे द्विमासान्मून रात्रिशेषे वा ।
भूयस्ते यः कथयति पृथग् पृथग् वा कुदज्ञः ॥ २५ ॥

२३. (घ) १. कथति (च) for (कथयंति)
२. कुट्टाकारं (ग) कुट्टकारं for (कुदाकारं)
(ग) ३. ज्ञदिनैराशयः for (ज्ञदिनेवायः)
(वि०—इसकी श्लोकसंख्या १६ के स्थान में केवल ६ लिखी है)
(च) १. कुट्टाकारं for (कुदाकारं)
(ङ) (वि०—श्लोकसंख्या १६ है)
३. राशीन् for (वायः) २. कुट्टाकारं for (कुदाकारं)
२४. (घ) १. तर्दिदु (ग) (च) (ङ) for (नदिंदु)
२. कुट्टकज्ञः (ग) for (कुटकज्ञः)
(ग) (वि०—इसकी श्लोक संख्या १७ के स्थान में ७ है)
(च) २. कुदकज्ञः for (कुटकज्ञः)
(ङ) (वि०—क्रमसंख्या १७ है)
१. कुट्टकज्ञः for (कुटकज्ञः)
२५. (घ) १. मासन्मून for (मासान्मून)
२. पृथगपृथग्वा (ग) पृथक् पृथग् वा स for (पृथग् पृथग वा)
३. कुद्दज्ञः (ग) for (कुदज्ञः)
(ग) (वि०—इसकी श्लोक संख्या २६ है)
१. न्यून for (न्मून)
४. दिवसेष्वधिमास for (दिवसे द्विमास)
(च) १. मासन्मून for (मासान्मून) २. पृथगपृथग्वा for (पृथग् पृथगवा)
(ङ) (वि०—इसकी क्रमसंख्या २६ है)
४. दिवसेष्वधि for (दिवसे द्वि) १. मासन्मून for (मासान्मून)
५. रात्र शेषे for (रात्रिशेषे) २. पृथक् for (पृथग्)
२. पृथग् वा for (पृथग वा) ३. स कुट्टज्ञः for (कुदज्ञः)