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ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary

by आचार्य ब्रह्मगुप्त

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DevanagariHindipublished737 pages

Page 625 of 737

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Page 625

( २३६ )
त्र्यू^५नाधिमासः शेषात्^१ मूलद्ध्व्य^२धिकं विभाजितं षड्भिः ।
द्यूनं^६ वर्जित^३ मधिकं नवभि र्नवति^४ कदा भवति ॥ २० ॥
अवमावशेष वर्गो^४न्येको^५र्विंशति विभाजितोष्य^१धिकः ।
अष्टगुणो^६ दशभक्ते^२ द्वियुते^३ ष्टादशकदा भवति ॥ २१ ॥
इष्टभगणादिशेषा^४ द्युगणस्तत्कुट्टकेन संयुक्तः
तच्छेद^५दिनेस्तावद्दिनवारो यावदिष्टस्य^२ ३ ॥ २२ ॥

२०. (घ) १. शेषान्मूलं (ग) for (शेषात् मूल) २. द्वयधिकं (ग) (च) for (व्यधिकं)
३. वर्गित (ग) (च) for (वर्जित) ४. न्नवतिः (ग) नवभिः for (नवतिः)
(ग) (वि०-इसकी श्लोक संख्या २८ है)
५. न्यूनाधिमास for (त्र्यूनाधिमास) ६. द्वचूनं २ for (छूनं)
(च) १. शषान्मूलं for (शेषात्मूल) २. द्वयधिकं for (व्यधिकं)
४. न्नवतिः for (नवति)
(ङ) (वि०-इसकी श्लोक संख्या २८ हैं)
५. च्यूनाधिमास for (त्र्यूनाधिमासः)
१. शेषान्मूलं for (शेषात्मूल) २. द्वयधिकं for (ध्यधिकं)
६. द्वचूनं for (छूनं) ३. वर्गित for (वर्जित)
४. नवतिः for (नवति)
२१. (घ) १. द्वयधिकः (ग) (च) (ङ) for (ध्यधिकः)
१. देशभक्तो (ग) (च) for (दशभक्तो)
३. द्वियुतोऽष्टादश (ग) (च) for (द्वियुते)
(ग) (वि०-इसकी श्लोक संख्या २६ है)
४. शेषे for (शेष) ५. व्येको for (न्येको)
६. गुणो for (गुणो)
(ङ) ५. व्येको for (न्येको)
(वि०-इसकी श्लोक संख्या २६ है)
२२. (ग) १. कुटकेन for (कुट्टकेन) २. दिष्टः for (दिष्ट)
३. स्यात् for (स्य)
(वि०-इसकी श्लोक संख्या १६ के स्थान में ६ है)
(च) १. कुदकेन for (कुट्टकेन)
(ङ) (वि०-श्लोक संख्या १६ है)
४. शेषाद् for (शेषा) ५. तच्छेद for (तच्छेद)
२. ३. यावदिष्टः स्यात् for (यावदिष्टस्य)