ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)
Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary
by आचार्य ब्रह्मगुप्त
DevanagariHindipublished737 pages
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परिलेखं^१ ग्राह्यस्य ग्राहकमानेन पूर्ववत्कृत्वा ।
तात्कालिकसंस्थानं निमीलनोन्मीलने चैवम् ॥ १८ ॥
विक्षेपगुणे^१त्रिज्या मानैक्यार्द्धोद्धृताप्तचापांशाः ।
आद्यंतयोर्यथादिशमर्कस्येंदौ^२ विपर्य्यस्थाः^३ ॥ १९ ॥
तत्स्ववलनांशकयोगान्तर^१ जीवाग्राह्यमानदलद्यातात्^२ ।
त्रिज्यालब्धज्याग्रे^३ प्रग्रहमोक्षौ^५ प्राग्वर्केंद्वोः^४ ॥ २० ॥
^४हुतया व्यासाद्धैर्नाकंचन्द्रमानाङ्गलिप्तिका गुणया^६ ।
मध्य^५वलन^२छाया दक्षिणोत्तरा दिगतवा^३मध्यात् ॥ २१ ॥
१८. (घ) १. परिलेषं (ग) (च) for (परिलेखं)
१६. (घ) १. गुणा (ग) गुण्या for (गुण)
२. मर्कस्येंदो (ग) (ङ) for (मर्कस्येंदौ)
३. विपर्य्यस्ता (ग) विपर्य्यस्ताः (ङ) for (विपर्य्यस्थाः)
(च) १. गुणा for (गुण) २. मर्क्कस्येंदौ for (मर्कस्येंदौ)
३. विपर्य्यस्ताः for (विपर्य्यस्थाः)
१. विक्षेपगुणा for (विक्षेपगुणे)
२०. (घ) १. वलनांशयोगान्तर (ग) (ङ) for (वलनांशकयोगान्तर)
२. घातात् (च) (ङ) for (द्यातात्)
३. ग्रै (च) (ङ) for (ग्रे) ४. प्राग्वदकेंद्वोः (ग) for (प्राग्वर्केंद्वोः)
(च) १. वलनांशयोगांतर for (वलनांशकयोगान्तर)
४. प्राग्वदर्केंद्वोः for (प्राग्वर्केंद्वोः)
(ङ) ५. ग्रहमोक्षौ (प्रग्रहमोक्षौ) ४. प्राग्वदर्केंद्वोः for (प्राग्वर्केंद्वोः)
२१. (घ) १. लिप्तका (च) for (हुतया) २. ज्यया (ग) for (छाया)
२. दिगनया (ग) दिगमनया मध्या for (दिगतवा)
(ग) ४. हतव्यासाद्धैर्नाकं for (हुतव्यासाद्धैर्नाकं)
(च) ४. दूतया व्यासाद्धैर्नाकं for (हुतया व्यासाद्धैर्नाकं)
३. दिगनया for (दिगतवा)
(ङ) १. हृतया for (हुतया) ५. मध्यमवलनज्या for (मध्यवलनछाया)
३. दिग्गमनया for (दिगमया) ६. मध्या for (मध्यात्)