बीसलदेव रासो (नरपति नाल्ह - अजमेर के चौहान विग्रहराज चतुर्थ का ऐतिहासिक काव्य)
Bisaldev Raso of Narapati Nalha on Ajmer Chauhans
by नरपति नाल्ह
About this granth
Bisaldev Raso (बीसलदेव रासो) is a poem by Narapati Nalha and one of the much-discussed early works of Hindi and old Rajasthani literature. Its hero is the Chauhan king Bisaldev of Sambhar and Ajmer, usually identified with a Vigraharaja; both its date and its linguistic affiliation have been debated by scholars.
It is a poem of separation more than of war. Bisaldev marries Rajmati, daughter of King Bhoja of Malwa; stung by a remark of hers, he leaves for Orissa, and for twelve years Rajmati sends him messages in her longing until he returns and they are reunited. Her laments, arranged through the months of the year, are its most remembered passages.
This scan is of the critical edition by Dr. Tarak Nath Agrawal. His foreword explains that although Satyajivan Varma's edition already existed, Suniti Kumar Chatterji and Sukumar Sen asked him to prepare a new text from all available manuscripts and printed editions. A note of appreciation by Sukumar Sen, dated 7 May 1962, opens the book. It has 315 pages.
- सहायक ग्रन्थों की सूची *,
'छंद, रस, और अलंकार तथा भाषा'
१. उक्ति व्यक्ति प्रकरणम्— सं० मुनि जिनविजय तथा डा० सुनीति
कुमार चाटुर्ज्या ।
२ छंदोऽनुशासनम्— संपादक प्रो०एच० डी० वेलणकर ।
३ छंद प्रभाकर— जगन्नाथ प्रसाद "भानु" ।
४. पिंगल छंद सूत्रम्— पिंगलाचार्य, स्व०पं० सीतानाथ समाध्यायी
भट्टाचार्य द्वारा सम्पादित तथा श्री
गोविन्द चन्द्र काव्यतीर्थ पुराणाशास्त्री
द्वारा संशोधित ।
५. रघुनाथ रूपक गीतारा— मंश कवि 'त० महताब चन्द्र रांकेड,
'विशारद'जयपुरवाल । 'नागरी प्रचारिणी
सभा काशी ।'
६. अपभ्रंश मीटर्स— प्रो० एच० डी० वेलणकर, 'बम्बई
यूनिवर्सिटी जर्नल १६३३-३४ पृ०
३२-३४ ।'
७. राजस्थानी लोकगीत— स्व० श्री सूर्यकिरण पारीक, एम० ए० ।
८. रस गंगाधर— जगन्नाथ पण्डितराज 'सं०—पं०
पुरुषोत्तम शर्मा चतुर्वेदी, नागरी प्रचा-
रिणी सभा ।'
६ काव्य कल्पद्रुम— कन्हैयालाल पोद्दार ।
१० हिन्दी व्याकरण— कामताप्रसाद गुरु ।
११. नोट्स आन दि ग्रामर आफ
दी ओल्ड वेस्टर्न राजस्थानी— तेस्सितोरी ।
१२. हिन्दी भाषा का इतिहास — डा० धीरेन्द्र वर्मा ।
१३. राजस्थानी भाषा — डा० सुनीति कुमार चाटुर्ज्या ।
- २१० -
१४. राजस्थानी भाषा और साहित्य- पं० मोतीलाल मेनारिया।
१५. डिंगल में वीररस- " " "
१६. कम्परेटिव फाइलोलाजी- डा० पी० डी० गुने।
१७. लिंग्विस्टिक सर्वे आफ इण्डिया- वोल्यूम ६।
१८. अ ग्रामर आफ कम्पेरेटिव
आर्यन लैंग्वेज- जान बीम्स।
१६. अ ग्रामर आफ गाडियन
लैंग्वेज- ए० एफ० आर० हार्नले।
इतिहास, भूगोल, तथा अन्य पुस्तकें
२०. नागरी प्रचारिणी पत्रिका- संवत् १६५८, १६७६, १६८२, १६६५,
१६६६, १६६७.
२१. राजस्थानी पत्रिका- भाग ३
२२. एनुअल रिपोर्ट आन दी सर्च
फार हिन्दी मैन्युस्क्रिप्ट फार
दी इयर १६००।
२३. बार्दिक सेलेक्शन्स - लाला सीताराम।
२४. मिश्रबन्धुविनोद-
२५. पृथ्वीराज विजयाख्य महाकाव्यम्-जौनराज कृत टीका सहित
'बिब्लोथेका इंडिका प्रकाशन।'
२६. भारत के प्राचीन राजवंश-
२७ इण्डियन एन्टिक्वेरी 'वाल्यूम १४।'
२८. वेलिकृष्ण रुक्मिणीरी
२६. राजपूताने का इतिहास- डा० गौरी शंकर हीराचन्द्र ओझा।
३०. रिपोर्ट्स आफ दी आर्के
लाजिकल सर्वे आफ इण्डिया।
३१. हिस्ट्री आफ ओरीसा- श्री आर० डी० बनर्जी
३२ एनल्स एण्ड ऐन्टिक्लीटीज
आफ राजस्थान- कर्नल टाड।
- २११ -
३३ राजपूताने का इतिहास- जगदीश सिंह गहलोत ।
३४. हिस्ट्री आफ मालवा- मालकम ।
३५ वंश भास्कर- सूर्यमल्ल मिश्र ।
३६. अजमेर मारवाड़ गजेटियर सी० सी० वाटसन ।
३७. अजमेर हिस्टारिकल एण्ड
डेसक्रिप्टिव- एच० बी० शारदा ।
३८ डाइनेस्टिक हिस्ट्री आफ
नादर्न इण्डिया । वाल० १ एव २ डा० एच० सी० राय ।
३६ राजा भोज- विश्वेश्वर नाथ रेऊ ।
४०. एन्स्येन्ट जोमफी आफ इंडिया-एलेक्जेण्डर कनिंघम ।
४१ सेन्ट्रल इण्डिया गजेटियर ।
४२. एन्शियन्ट हिस्ट्री आफ इण्डिया वा० ए० स्मिथ ।
४३ इण्डियन क्रानोलगी- एल० डी० कन्नास्वामी पिल्लइ
४४ हिस्ट्री आफ ओरीसा- एल० के० महताब ।
४५ जर्नल आफ द एशियाटिक
सोसाइटी 'बंगाल' ।
४६ इण्डियन एराभ - एलेक्जेण्डर कनिंघम ।
४७ एन्शियन्ट इण्डियन हिस्ट्री-विनायक राव ।
४८ मगरह मेरवाड़े की कौमों का
इतिहास ।
४६ द ग्लोरी दैत वाज गुजरात
देश (भाग ३)- श्री के० एम० मुन्शी ।
५०. हिस्टोरिकल इन्सक्रिप्शन्स
आफ गुजरात- जी० वी० आचार्य ।
५१. हिस्ट्री आफ मेडिवियल हिन्दू
इण्डिया- सी० सी० वैद्य ।
५२. हिस्ट्री आफ पारमार्स आफ
मालवा- डी० सी० गांगुली ।
- २१२ -
५३. एन्सियन्ट इण्डिया ऐज डेसक्राइब्ड् बाई टालेमो ।
५४ वीर काय— डा० उदयनारायण तिवारी ।
५५ बीसलदेव रासो— श्री सत्यजीवन वर्मा ।
५६ बीसलदेव रासो— डा० माताप्रसाद गुप्त ।
५७ हिन्दी साहित्य का इतिहास-आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ।
५८. हिन्दी साहित्य का आलो
चनात्मक इतिहास— डा० रामकुमार वर्मा ।
- शब्द कोष *
५६ पाइ अ - सद् - महार्णवो ।
६०. अभिधान राजेन्द्र ।
६१ संस्कृत हिन्दी डिक्शनरी -- मानियर विलियम ।
६२ वैदिक इंडेक्स । मैकडोनेल और कोय ।
६३ हिन्दी शब्द सागर ।
६४ ढोला मारू रा दूहा ।
६५ डिंगल रा सबद । रायल एशियाटिक सोसाइटी में सुरक्षित
पाण्डुलिपि । राजस्थाना पाण्डुलिपियों
की सूची पत्र स० ३८ सी० १६ ।
अंग्रेजी ग्रन्थ
1 Introduction to the Principles of Textual Criticism—
Dr. Katre
2 The Grammar of Old Western Rajasthani—Dr L P.
Tissitori
3. Comperative Philology—Dr. P. D. Gune.
4 Linguistic Survey of India—Vol IX.
5 History of Orrisa—R. D Banerjee
6 Rajasthan—Todd (Crooke's Edition)
7. History of Malwa—Malcolm.
8 Hindi Search Reports
9 A Grammer of Comperative Aryan Language—John Beams.
10 A Grammar of Gandhian Language—A. F R Horenle.
11 Gujrati Language & Literature—N B Divatia
12 Ajmer-Merwara Gazetteer—C C Watson
13 Dynastic History of Rajput (Vol I & II)—Dr Hem Ray
14. History of Kanauj—Dr R S Tripathy
15 Ancient Geography of India—Cunningham
16 Gazetteer of C. India—(Malva Dhar)
17 Ancient History of India—V A Smith
18. Ajmer—H B. Sarda
19 Marwar Ka Itihas—Biswesuar Nath Reu
20. Indian Chronology—L D Swami K. Pillai
21. History of Orrissa—H. K Mahatab
22 Indian Eras—Cunningham.
23 Bardic Chronicals of Rajsthan.
24. The Glory that was Gujarat-Desha P. III—K. M. Munshi.
25 Historical Inscriptions of Gujrat—G. V Acharya
26 History of Mediawal Hindu India—C V. Vaidya
27 History of the Parmars of Malwa—D C. Ganguly.
28 Ancient India as described by—Ptolemy.
29. Rajputana Gazetteer Vol I & II