बीसलदेव रासो (नरपति नाल्ह - अजमेर के चौहान विग्रहराज चतुर्थ का ऐतिहासिक काव्य)

बीसलदेव रासो (नरपति नाल्ह - अजमेर के चौहान विग्रहराज चतुर्थ का ऐतिहासिक काव्य)
Bisaldev Raso of Narapati Nalha on Ajmer Chauhans
by नरपति नाल्ह
DevanagariHindipublished315 pages
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१४. राजस्थानी भाषा और साहित्य- पं० मोतीलाल मेनारिया।
१५. डिंगल में वीररस- " " "
१६. कम्परेटिव फाइलोलाजी- डा० पी० डी० गुने।
१७. लिंग्विस्टिक सर्वे आफ इण्डिया- वोल्यूम ६।
१८. अ ग्रामर आफ कम्पेरेटिव
आर्यन लैंग्वेज- जान बीम्स।
१६. अ ग्रामर आफ गाडियन
लैंग्वेज- ए० एफ० आर० हार्नले।
इतिहास, भूगोल, तथा अन्य पुस्तकें
२०. नागरी प्रचारिणी पत्रिका- संवत् १६५८, १६७६, १६८२, १६६५,
१६६६, १६६७.
२१. राजस्थानी पत्रिका- भाग ३
२२. एनुअल रिपोर्ट आन दी सर्च
फार हिन्दी मैन्युस्क्रिप्ट फार
दी इयर १६००।
२३. बार्दिक सेलेक्शन्स - लाला सीताराम।
२४. मिश्रबन्धुविनोद-
२५. पृथ्वीराज विजयाख्य महाकाव्यम्-जौनराज कृत टीका सहित
'बिब्लोथेका इंडिका प्रकाशन।'
२६. भारत के प्राचीन राजवंश-
२७ इण्डियन एन्टिक्वेरी 'वाल्यूम १४।'
२८. वेलिकृष्ण रुक्मिणीरी
२६. राजपूताने का इतिहास- डा० गौरी शंकर हीराचन्द्र ओझा।
३०. रिपोर्ट्स आफ दी आर्के
लाजिकल सर्वे आफ इण्डिया।
३१. हिस्ट्री आफ ओरीसा- श्री आर० डी० बनर्जी
३२ एनल्स एण्ड ऐन्टिक्लीटीज
आफ राजस्थान- कर्नल टाड।