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अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Atharvaveda Samhita with Hindi Translation

by डा. गंगा सहाय शर्मा

Source: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (origin)

DevanagariSanskritpublished1,063 pages

Page 289 of 1063

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Page 289

अव मा पाप्मन्त्सृज वशी सन् मृडयासि नः.
आ मा भद्रस्य लोके पाप्मन् धेह्यविह्रतम्.. (१)
हे पाप के अभिमानी देव! मुझे छोड़ दो. तुम सब को वश में करने वाले हो. तुम मुझे
सुख दो. हे पाप्मा! पीड़ारहित मुझ को पुण्य के फल के रूप में प्राप्त होने वाले लोक में
स्थापित करो. (१)
यो नः पाप्मन् न जहासि तमु त्वा जाहिमो वयम्.
पथामनु व्यावर्तनेऽन्यं पाप्मानु पद्यताम्.. (२)
हे पाप्मा! यदि मुझे नहीं छोड़ोगे तो मैं इस अनुष्ठान द्वारा तुम्हें बलपूर्वक चार मार्गों के
संगम रूप चौराहे पर छोडूंगा. वहां छोड़ा हुआ पाप हमारे शत्रुओं में प्रवेश करे. (२)
अन्यत्रास्मन्न्युच्यतु सहस्राक्षो अमर्त्यः.
यं द्वेषाम तमृच्छतु यमु द्विष्मस्तमिज्जहि.. (३)
इंद्र के समान अमर रहने वाला एवं बली पाप उसी को प्राप्त हो, जिस से हम द्वेष करते
हैं. हे पाप! जो हमारा शत्रु है, तू उसी के पास जा. (३)
सूक्त-२७ देवता—यम
देवाः कपोत इषितो यदिच्छन् दूतो निर्ऋत्या इदमाजगाम.
तस्मा अर्चाम कृणवाम निष्कृतिं शं नो अस्तु द्विपदे शं चतुष्पदे.. (१)
हे देवो! पाप देवता द्वारा भेजा गया दूत कबूतर हम को पीड़ित करने की इच्छा करता
हुआ हमारे घर आया है. उसे लौटाने के लिए हम हवि के द्वारा तुम्हारी अर्चना करते हैं. हमारे
दुपायों अर्थात् उत्तराधिकारियों और चौपायों अर्थात् पशुओं का कल्याण हो. (१)
शिवः कपोत इषितो नो अस्त्वनागा देवाः शकुनो गृहं नः.
अग्निर्हिं विप्रो जुषतां हविर्नः परि हेतिः पक्षिणी नो वृणक्तु.. (२)
हे देवो! पाप देवता द्वारा भेजा हुआ कबूतर हमारे लिए सुखकारी हो तथा घरों को
पीड़ित न करे, क्योंकि यह अनपराधक है. इस के लिए मेधावी अग्नि हमारे हवि को स्वीकार
करें. उस की कृपा से पंखों वाला कबूतर नाम का आयुध हमें छोड़ दे. (२)
हेतिः पक्षिणी न दभात्यस्मानाष्ट्री पदं कृणुते अग्निधाने.
शिवो गोभ्य उत पुरुषेभ्यो नो अस्तु मा नो देवा इह हिंसीत् कपोतः.. (३)
पंखों वाला आयुध अर्थात् कबूतर हमें न मारे. वह दावाग्नि से व्याप्त वन में चला जाए.
हे देवो! वह कबूतर हमारी गायों और पुरुषों को सुख देने वाला हो. वह कबूतर हमारी हिंसा
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