Skip to content
SarvaKosh
अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Atharvaveda Samhita with Hindi Translation

by डा. गंगा सहाय शर्मा

Source: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (origin)

DevanagariSanskritpublished1,063 pages

Page 236 of 1063

Read in context
Page 236

विनाश करो. तुम उस का भी विनाश करो जो हमारी मृत्यु की इच्छा करता है. (२)
रिश्यस्येव परीशासं परिकृत्य परि त्वचः.
कृत्यां कृत्याकृते देवा निष्कमिव प्रति मुञ्चत.. (३)
हे देवो! जो हमारी हिंसा करने वाले हैं, उन की त्वचा पर अपने आयुधों से घाव बना
कर अपने आयुधों को अलग करो. लोग जिस प्रकार सोने के सिक्के अथवा आभूषण को
ग्रहण करते हैं, उसी प्रकार कृत्या का निर्माण करने वाला उस को स्वीकार करे. (३)
पुनः कृत्यां कृत्याकृते हस्तगृह्य परा णय.
समक्षमस्मा आ धेहि यथा कृत्याकृतं हनत्.. (४)
हे ओषधि! तुम कृत्या का हाथ पकड़ कर उन के समीप ले जाओ, जिन्होंने इस का
निर्माण किया है. उन के समीप पहुंची हुई कृत्या उन का विनाश कर देगी. (४)
कृत्याः सन्तु कृत्याकृते शपथः शपथीयते.
सुखो रथइव वर्ततां कृत्या कृत्याकृतं पुनः.. (५)
कृत्या का प्रयोग करने वाले पर कृत्या का बुरा प्रभाव पड़े और शाप देने वाले को ही
शाप लगे. जिस प्रकार रथ सरलतापूर्वक घूम जाता है, उसी प्रकार कृत्या अपने प्रेरक की
ओर घूम जाए. (५)
यदि स्त्री यदि वा पुमान् कृत्यां चकार पाप्मने.
तामु तस्मै नयामस्यश्वमिवाश्वाभिधान्या.. (६)
यदि किसी स्त्री अथवा पुरुष ने तुझे पाप कर्म अर्थात् मुझे डसने के लिए प्रेरणा दी है तो
जिस प्रकार लगाम का संकेत करने से घोड़ा पीछे की ओर लौट पड़ता है, उसी प्रकार हम
तुझे प्रेरणा देने वालों की ओर ही लौटाते हैं. (६)
यदि वासि देवकृता यदि वा पुरुषैः कृता.
तां त्वा पुनर्णीयामसीन्द्रेण सयुजा वयम्.. (७)
हे कृत्या! यदि तुझे देवों ने अथवा पुरुषों ने प्रेरित किया है तो हम तुझे उन्हीं की ओर
वापस लौटाते हैं, क्योंकि हम इंद्र के सखा हैं. (७)
अग्ने पृतनाषाट् पृतनाः सहस्व.
पुनः कृत्यां कत्याकृते प्रतिहरणेन हरामसि.. (८)
हे राक्षसों की सेना का सामना करने वाले अग्नि देव! तुम इन सेनाओं का सामना करो.
हम इस कृत्या को कृत्या के प्रेरक की ओर ही वापस लौटा रहे हैं. (८)
ebook converter DEMO Watermarks*