अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Atharvaveda Samhita with Hindi Translation
by डा. गंगा सहाय शर्मा
Source: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (origin)
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Read in contextशेषः.. (७)
मैं मोर के समान नाचते हुए अप्सरा के पति गंधर्व के अंडकोषों को फोड़ता हूं तथा उस
के पुरुष जननांग को निष्क्रिय बनाता हूं. (७)
भीमा इन्द्रस्य हेतयः शतमृष्टीरयस्मयीः.
ताभिर्हविरदान् गन्धर्वानवकादान् व्यृषतु.. (८)
इंद्र का आयुध भयंकर, सौ धारों वाला एवं लोहे का बना हुआ है. उसी से वह हवि न
देने वाले एवं शैवाल खाने वाले गंधर्वों को मारें. (८)
भीमा इन्द्रस्य हेतयः शतमृष्टीर्हिरण्ययीः.
ताभिर्हविरदान् गन्धर्वानवकादान् व्यृषतु.. (९)
इंद्र के आयुध भयंकर, सौ धारों वाले एवं सोने के बने हैं. इंद्र उन्हीं से हवि न देने वाले
तथा शैवाल भक्षण करने वाले गंधर्वों का वध करें. (९)
अवकादानभिशोचानप्सु ज्योतय मामकान्.
पिशाचान्त् सर्वानोषधे प्र मृणीहि सहस्व च.. (१०)
हे अजशृंगी जड़ी! शैवाल खाने वाले, सभी को शोक पहुंचाने वाले उन गंधर्वों को जलों
में प्रकाशित करो, जो युद्ध से संबंधित हैं. तुम सभी पिशाचों को मारो तथा पराजित करो.
(१०)
श्वैवैकः कपिरिवैकः कुमारः सर्वकेशकः.
प्रियो दृश इव भूत्वा गन्धर्वः सचते स्त्रियस्तमितो नाशयामसि ब्रह्मणा
वीर्यवता.. (११)
मायावी होने के कारण एक गंधर्व कुत्ते के समान, दूसरा बंदर के समान है. गंधर्व सारे
शरीर पर बाल उगे होने पर भी बालक ही होता है. गंधर्व देखने में प्रिय रूप बना कर स्त्रियों
से मिलते हैं. मैं अत्यधिक शक्तिशाली मंत्रों की सहायता से उन्हें यहां से भगाता हूं. (११)
जाया इद् वो अप्सरसो गन्धर्वाः पतयो यूयम्.
अप धावतामर्त्या मर्त्यान् मा सचध्वम्.. (१२)
हे गंधर्वों! ये अप्सराएं तुम्हारी पत्नियां हैं और तुम इन के पति हो. तुम गंधर्व जाति के
हो, इसलिए मनुष्यों से दूर भाग जाओ, इन से मत मिलो. (१२)
सूक्त-३८ देवता—अप्सराएं, अक्ष
शलाका
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