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सर्वकोश
“सूरा सो पहिचानिए, जु लरै दीन के हेत” — कबीर

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कबीर के दोहे

सूरा सो पहिचानिए, जु लरै दीन के हेत पुरजा पुरजा कटि मरै, कबहू न छाडै खेतु

अर्थ

सच्चा वीर वही है जो दीन-दुखियों और धर्म के लिए लड़े। वह टुकड़े-टुकड़े होकर मर जाए, पर रणभूमि कभी नहीं छोड़ता।

रोमन अक्षरों में

sura so pahichaanie, ju larai din ke het purja purja kati marai, kabhu na chhaadai khetu

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