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सर्वकोश
“सब ते लघुताई भली, लघुता ते सब होय” — कबीर

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कबीर के दोहे

सब ते लघुताई भली, लघुता ते सब होय जस दुतिया को चंद्रमा, सीस नवै सब कोय

अर्थ

सबसे भली विनम्रता है, उससे सब कुछ मिलता है। जैसे द्वितीया के छोटे चंद्रमा को सब सिर झुकाकर प्रणाम करते हैं।

रोमन अक्षरों में

sab te laghutaai bhali, laghuta te sab hoy jas dutiya ko chandrama, sis navai sab koy

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