सामग्री पर जाएँ
सर्वकोश
“पानी केरा बुदबुदा, अस मानुस की जात” — कबीर

पृष्ठभूमि चुनें

कबीर के दोहे

पानी केरा बुदबुदा, अस मानुस की जात एक दिना छिप जाएगा, ज्यों तारा परभात

अर्थ

मनुष्य का जीवन पानी के बुलबुले जैसा है। जैसे सुबह होते ही तारा छिप जाता है, वैसे ही यह भी एक दिन मिट जाएगा।

रोमन अक्षरों में

paani kera budbuda, as maanus ki jaat ek dina chhip jaaega, jyon taara parbhaat

0