कबीर के दोहे
पानी बाढ़ै नाव में, घर में बाढ़ै दाम दोऊ हाथ उलीचिए, यही सज्जन को काम
अर्थ
नाव में पानी बढ़े और घर में धन बढ़े, तो दोनों को दोनों हाथों से बाहर निकालना चाहिए। बढ़े धन को दान करना ही सज्जन का काम है।
रोमन अक्षरों में
paani baadhai naav men, ghar men baadhai daam dou haath ulichie, yahi sajjan ko kaam
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