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सर्वकोश
“जिस मरनै थैं जग डरै, सो मेरे आनंद” — कबीर

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कबीर के दोहे

जिस मरनै थैं जग डरै, सो मेरे आनंद कब मरिहूँ कब देखिहूँ, पूरन परमानंद

अर्थ

जिस मृत्यु से दुनिया डरती है, वह मेरे लिए आनंद है। मैं प्रतीक्षा में हूँ कि कब यह शरीर छूटे और पूर्ण परमानंद के दर्शन हों।

रोमन अक्षरों में

jis marnai thain jag darai, so mere aanand kab marihun kab dekhihun, puran parmaanand

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