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सर्वकोश
“बड़ा हुआ तो क्या हुआ, जैसे पेड़ खजूर” — कबीर

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कबीर के दोहे

बड़ा हुआ तो क्या हुआ, जैसे पेड़ खजूर पंथी को छाया नहीं, फल लागे अति दूर

अर्थ

खजूर के पेड़ की तरह बड़ा होने से क्या लाभ, जो न राही को छाया देता है और जिसके फल भी बहुत ऊँचे लगते हैं। बड़प्पन दूसरों के काम आने में है।

रोमन अक्षरों में

bada hua to kya hua, jaise ped khajur panthi ko chhaaya nahin, phal laage ati dur

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