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सर्वकोश
यथार्थ गीता (श्रीमद्भगवद्गीता - स्वामी अड़गड़ानन्द)

यथार्थ गीता (श्रीमद्भगवद्गीता - स्वामी अड़गड़ानन्द)

Yatharth Geeta - Srimad Bhagavad Gita (Swami Adgadanand)

स्वामी अड़गड़ानन्द द्वारा

स्रोत: मानव धर्मशास्त्र - ५२०० वर्षों के अन्तराल के बाद श्रीमद्भगवद्गीता की शाश्वत व्याख्या · श्री परमहंस स्वामी अड़गड़ानन्दजी आश्रम ट्रस्ट · 2015 (उद्गम)

DevanagariHindipublished429 पृष्ठ

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पृष्ठ 22

अनुक्रमणिका
विषय पृष्ठ संख्या
प्राक्कथन .................................................... क - ङ
प्रथम अध्याय (संशय-विषाद योग) ................................ १-२४
द्वितीय अध्याय (कर्म-जिज्ञासा) .................................... २५-६६
तृतीय अध्याय (शत्रुविनाश-प्रेरणा) ................................. ६७-९४
चतुर्थ अध्याय (यज्ञकर्म स्पष्टीकरण) ............................... ९५-१२८
पञ्चम अध्याय (यज्ञभोक्ता महापुरुषस्थ महेश्वर) ............ १२९-१४२
षष्ठम अध्याय (अभ्यासयोग) .................................... १४३-१६२
सप्तम अध्याय (समग्र जानकारी) .................................. १६३-१७६
अष्टम अध्याय (अक्षर ब्रह्मयोग) ................................. १७७-१९४
नवम अध्याय (राजविद्या-जागृति) .............................. १९५-२१४
दशम अध्याय (विभूति-वर्णन) .................................... २१५-२३२
एकादश अध्याय (विश्वरूप-दर्शन योग) ........................... २३३-२५८
द्वादश अध्याय (भक्तियोग) ....................................... २५९-२६८
त्रयोदश अध्याय (क्षेत्र-क्षेत्रज्ञ विभाग योग) ........................ २६९-२८२
चतुर्दश अध्याय (गुणत्रय विभाग योग) ............................ २८३-२९४
पञ्चदश अध्याय (पुरुषोत्तम योग) ................................ २९५-३०६
षोडश अध्याय (दैवासुर सम्पद विभाग योग) ..................... ३०७-३१६
सप्तदश अध्याय (ॐतत्प्रत्य् व श्रद्धात्रय विभाग योग) ......... ३१७-३३०
अष्टादश अध्याय (संन्यास योग) ................................ ३३१-३६२
उपशम ........................................................... ३६३-३८८
।। ॐ ।।