सामग्री पर जाएँ
सर्वकोश
यजुर्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

यजुर्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Yajurveda Samhita with Hindi Translation

डा. रेखा व्यास द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished421 पृष्ठ

पृष्ठ 93, कुल 421 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 93

पूर्वार्ध सातवां अध्याय
नगर भेद दीजिए. हमारे दुश्मनों की जमा पूंजी हमें दे दीजिए. शत्रुओं को पराजित
करने वाले अग्नि के लिए स्वाहा. ( ४४ )
रूपेण वो रूपमभ्यागां तुथो वो विश्ववेदा विभजतु.
ऋतस्य पथा प्रेत चन्द्रदक्षिणा वि स्वः पश्य व्यन्तरिक्षं यतस्व सदस्यैः... ( ४५)
हम अपने रूप से आप के रूप की ओर गमन करना चाहते हैं. देवगण सर्वज्ञ
हैं. वे देवगण सभी के लिए सुख बांटने की कृपा करें. उन की कृपा से हम सत्य
के पथ के पथिक बनें. जैसे चंद्र देव अंतरिक्ष से देखते हैं, वैसे ही हम भी दूर
दृष्टिवान हों. ( ४५ )
ब्राह्मणमद्य विदेयं पितृमन्तं पैतृमत्यमृषिमार्येय ४७ सुधातुदक्षिणम्.
अस्मद्राता देवत्रा गच्छत प्रदातारमाविशत.. (४६)
देवताओं की कृपा से हम आज ब्राह्मणों, पिता, पितामह, ऋषि व आर्षगण से
युक्त हों. आप दक्षिणा अच्छी तरह धारण करें. देवगण हमारे त्राता हैं. श्रेष्ठ दानदाता
याजकों को श्रेष्ठ फल प्रदान करने की कृपा करें. ( ४६ )
अग्नये त्वा मह्यं वरुणो ददातु सोमृतत्त्वमशीयायुर्दात्र ऽ एधि मयो मह्यं प्रतिग्रहीत्रे रुद्राय
त्वा मह्यं वरुणो ददातु सोमृतत्त्वमशीय प्राणो दात्र ऽ एधि वयो मह्यं प्रतिग्रहीत्रे बृहस्पतये
त्वा मह्यं वरुणो ददातु सोमृतत्त्वमशीय त्वग्दात्र ऽ एधि मयो मह्यं प्रतिग्रहीत्रे यमाय त्वा
मह्यं वरुणो ददातु सोमृतत्त्वमशीय हयो दात्र ऽ एधि वयो मह्यं प्रतिग्रहीत्रे.. (४७)
हे अग्नि! आप हमें वरुण देव को देने की कृपा कीजिए. हम अमृत पान करें.
आप आयुदाता हैं. आप की कृपा से हम दीर्घायु पाएं. आप हमें रुद्र देव को देने की
कृपा कीजिए. आप हमें बृहस्पति देव को देने की कृपा कीजिए. आप हमें यम देव
को देने की कृपा कीजिए. ( ४७ )
कोदात्कस्मा ऽ अदात्कामोदात्कामायादात्.
कामो दाता कामः प्रतिग्रहीता कामैतत्ते.. (४८)
कौन देता है ? किस को देता है ? कामना से ही कोई किसी को देता है. कामना
से ही दान दिया और लिया जाता है. ( संसार में ) कामनाएं ही सब कुछ हैं. ( ४८ )
यजुर्वेद - ९३