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सर्वकोश
यजुर्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

यजुर्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Yajurveda Samhita with Hindi Translation

डा. रेखा व्यास द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished421 पृष्ठ

पृष्ठ 28, कुल 421 में से

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पृष्ठ 28

अग्नि की स्तुति १६-२० ३९७-३९८
पृथ्वी देवी से सुख प्रदान करने की प्रार्थना २१ ३९८
अग्नि के लिए आहुति अर्पण २२ ३९८
छत्तीसवां अध्याय
नेत्रों और कानों की सामर्थ्य प्राप्त करने की कामना १ ३९९
बृहस्पति देव से विभिन्न दोष दूर करने का आग्रह २ ३९९
स्वयंभू शक्तिमान परमात्मा ३-४ ३९९
इंद्र से धन की कामना ५-७ ३९९-४००
विश्व की शोभा इंद्र ८ ४००
इंद्र, वरुण, अग्नि व मित्र आदि देवों की स्तुति ९-११ ४००
जल और पृथ्वी से कल्याण कामना १२-१६ ४०१
स्वर्गलोक और अंतरिक्षलोक १७ ४०१
परमात्मा की स्तुति १८-१९ ४०१-४०२
अग्नि की स्तुति २० ४०२
परमात्मा की स्तुति २१-२२ ४०२
जल व ओषधियों आदि से मैत्री कामना २३ ४०२
हितकारी सूर्य २४ ४०२
सैंतीसवां अध्याय
सविता देव की स्तुति १ ४०३
सर्वविद परमात्मा २ ४०३
दिव्य शक्तियों को यज्ञ में आने के लिए आमंत्रण ३ ४०३
दिव्य यज्ञ में अग्नि शिरोधार्य ४-६ ४०३-४०४
यज्ञ में विभिन्न देवी देवताओं का आह्वान ७ ४०४
अग्नि की स्तुति ८ ४०४
परमात्मा की स्तुति ९ ४०५
सुरक्षा के लिए सामर्थ्यशाली देव की अर्चना १०-११ ४०५
पृथ्वी देवी की स्तुति १२ ४०६
मरुद्गणों के लिए आहुति अर्पण १३ ४०६
परमात्मा बुद्धि के पिता हैं १४-१७ ४०६-४०७
सर्वरक्षक सूर्य देव १८ ४०७
परमात्मा की स्तुति १९-२१ ४०७