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सर्वकोश
बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana

महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा

DevanagariHindipublished350 पृष्ठ

पृष्ठ 308, कुल 350 में से

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पृष्ठ 308

( ३०७ )
१० मकर अंग्रेजी के वी पी के समान इसका चिह्न होता है । यह ठोडी के
पास मिलता है ।
११. कुम्भ टेढ़ी दो रेखाओं वाला चिह्न कुम्भ का माना गया है । इसका
स्थान बाईं भौं होता है ।
१२. मीन ३६ के अंक के समान इसका चिह्न होता है । शरीर के बायें भाल
पर यह चिह्न मिलता है ।
ललाट पर ग्रहों के चिन्ह तथा स्थान :
१ सूर्य इसका चिह्न मध्य बिन्दु युक्त वृत्त का चिह्न होता है । इसका
स्थान दाहिने नेत्र में रहता है ।
२. चन्द्र धनुष के आकार का इसका चिह्न होता है । बायें नेत्र में इसका
निवास होता है ।
३. मंगल तीन शाखाओं वाला मंगल का चिह्न सिर के ऊपरी भाग पर
दिखाई देता है ।
४ बुध एक खड़ी रेखा पर तिरछी रेखा जैसा चिह्न बुध का होता है ।
यह मुंह पर वास करता है ।
५ गुरु दो के समान चिह्न गुरु का होता है। इसका निवास दाहिने
कान पर होता है ।
६. शुक्र धन के चिह्न के चारों ओर गोलाकार हो ऐसा चिह्न शुक्र का
होता है । इसका निवास नासिका पर होता है ।
७. शनि ईकार के समान इसका चिह्न होता है । इसका निवास बायें
कान पर रहता है ।