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सर्वकोश
बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana

महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा

DevanagariHindipublished350 पृष्ठ

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पृष्ठ 301

( ३०० )
कुल वर्द्धन योग :
परिभाषा : जिसके हाथ में कहीं पर भी चक्र का चिह्न
हो तो वहां कुलवर्द्धन योग होता है ।
फल : जिसके हाथ में यह योग होता है वह व्यक्ति
दीर्घायु, ऐश्वर्यशाली तथा अपने परिवार को ऊंचा उठाने वाला
होता है ।
कुलवर्द्धन योग
विहग योग :
परिभाषा : जिसके हाथ में उड़ते हुए पक्षी का सा
चिह्न हो तो वहां विहग योग होता है ।
फल : जिसके हाथ में विहग योग होता है वह व्यक्ति
झगड़ालू, गोपनीय कार्यों को करने वाला यथा सी० आई० डी०
होता है ।
विहग योग
शृंगाटक योग :
परिभाषा : जिसके हाथ में कही पर भी शंख का
चिह्न दिखाई दे तो वहां शृंगाटक योग होता है ।
फल : जिसके हाथ में यह योग होता है वह व्यक्ति
अपनी साधारण स्थिति से ऊपर उठने वाला परिश्रम पूर्वक धन
संचय करने वाला दीर्घायु तथा समस्त प्रकार के भोगों को
भोगने वाला होता है ।
शृंगाटक योग