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बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana

महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा

DevanagariHindipublished350 पृष्ठ

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पृष्ठ 290

( २८१ )
हरि योग :
परिभाषा : जिसके हाथ में अश्व का चिह्न हो वह
हरि योग सम्पन्न होता है ।
फल : हरि योग रखने वाला व्यक्ति जीवन में सुखी
ऐश्वर्य में जीवन व्यतीत करने वाला, विद्यावान चतुर, बात
चीत में होशियार तथा अपने व्यक्तित्व से दूसरों पर प्रभाव
डालने वाला होता है । इसके जीवन में आर्थिक दृष्टि से कोई
न्यूनता नहीं रहती ।
हरि योग
हर योग :
हर योग
परिभाषा : यदि जीवन रेखा के पास त्रिशूल का चिह्न
हो पर उससे जीवन रेखा कटती नहीं हो तो हर योग होता
है ।
फल : जिसके हाथ में यह योग होता है वह निरंतर
अपनी उन्नति करने वाला, धार्मिक कार्यों में पूर्ण रुचि लेने
वाला, परोपकारी, दयालु, सत्यवक्ता और निरंतर दूसरों का
सहायक होता है ।
ब्रह्मा योग .
परिभाषा : जिसके हाथ में मणिबन्ध के पास शुक्र पर्वत
पर हाथी का चिन्ह हो तो उसके हाथ में ब्रह्मा योग होता है ।
फल : हथेली में ब्रह्मा योग रखने वाला व्यक्ति तेजस्वी
और प्रखर बुद्धि का धनी होता है । ऐसा व्यक्ति धीर, गम्भीर
समाज सुधारक और अपने आप पर पूरा भरोसा रखने बाल
होता है । उसमें आत्म विश्वास जरूरत से ज्यादा होता है ।
ब्रह्मा योग