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सर्वकोश
बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana

महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा

DevanagariHindipublished350 पृष्ठ

पृष्ठ 279, कुल 350 में से

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पृष्ठ 279

( २७८ )
बृहद् बीज योग :
परिभाषा : यदि राहू पर्वत पर काले धब्बे या काले
बिन्दु हों तो बृहद् बीज योग होता है ।
फल : जिस व्यक्ति के हाथ में यह योग होता है
उसके अण्डकोष बढ़े हुए होते हैं तथा जीवन भर इस रोग से
ग्रसित रहता है ।
बृहद् बीज
विमल योग :
परिभाषा : यदि दो मणिबन्धों के बीच में सफेद
बिन्दु हो तो विमल योग होता है ।
फल : जिसके हाथ में यह योग होता है वह व्यक्ति
अत्यन्त सर्व गुण सम्पन्न समस्त प्रकार के ऐश्वर्य भोग भोगने
वाला, दयालु, परोपकारी तथा सुखी होता है ।
विमल
सरल योग :
परिभाषा : यदि सभी नाखूनों पर छोटे अर्द्धचन्द्र हों
तो सरल योग होता है ।
फल : जिस व्यक्ति के हाथ मे सरल योग होता है
वह व्यक्ति दीर्घायु, शिक्षित, बात के मर्म को समझने वाला
तथा निरंतर उन्नति की ओर अग्रसर होने वाला व्यक्ति
होता है ।
सरल

बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक) · पृष्ठ 279, कुल 350 में से · SarvaKosh