सामग्री पर जाएँ
सर्वकोश
बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana

महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा

DevanagariHindipublished350 पृष्ठ

पृष्ठ 257, कुल 350 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 257

( २१६ )
१. सूर्य मालिका योग : यदि सूर्य से मालिका योग बना हो तो वह व्यक्ति
शासन में महत्वपूर्ण पद को सुशोभित करता है तथा अपने प्रयत्नों से सचिव के पद
तक पहुंच जाता है ।
२. चन्द्र मालिका योग : जिसके हाथ में चन्द्र मालिका योग होता है वह
व्यक्ति नेवी में कमाण्डर बनता है । अथवा जल के समीप नगरों में व्यापार करने से
विशेष लाभ उठाता है । ऐसा व्यक्ति अपने जीवन में कई बार विदेश यात्राएं करता है ।
३. भौम मालिका योग : यदि मंगल ग्रह से मालिका योग बनता है तो वह
व्यक्ति पुलिस या सेना में उच्च पद सुशोभित करता है तथा उसे जीवन में धन एवं
वाहन का पूर्ण सुख प्राप्त होता है ।
४. बुध मालिका योग : यदि हाथ में बुध मालिका योग हो तो ऐसा व्यक्ति
दयालु, दानी एवं परोपकारी होता है । विदेश यात्राएं कई बार करता है तथा अपने
प्रयत्नों से सम्मान एवं ख्याति अर्जित करता है ।
५. गुरु मालिका योग : यदि हाथ में गुरु मालिका योग हो तो वह व्यक्ति
वेद धर्म शास्त्र आदि में पूर्ण रुचि लेने वाला तथा दानी एवं परोपकारी होता है ।
ऐसा व्यक्ति सामाजिक कार्यों में अग्रणी रहता है तथा समाज में पूर्ण सम्मान प्राप्त
करता है ।
६. शुक्र मालिका योग : जिसके हाथ में शुक्र मालिका योग होता है वह सच्चा
पितृ-भक्त होता है साथ ही उसे धन की कोई चिन्ता नहीं रहती । ऐसे व्यक्ति का
शरीर सुन्दर एवं आकर्षक होता है तथा अपने कार्यों से वह प्रसिद्धि एवं यश, सम्मान
प्राप्त करता है ।
७. शनि मालिका योग : शनि मालिका योग रखने वाला व्यक्ति दीर्घायु होता
है परन्तु ऐसे व्यक्ति के जीवन में संघर्ष जरूरत से ज्यादा होता है । जीवन में ३६वें
वर्ष के बाद से वह पूर्ण यश तथा सम्मान प्राप्त करता है ।
शंख योग :
परिभाषा : यदि शुक्र पर्वत का क्षेत्र विस्तृत हो तथा
उससे एक रेखा शनि पर्वत पर और दूसरी रेखा सूर्य पर्वत
पर जाती हो तो शंख योग होता है ।
फल : जिसके हाथ में शंख योग होता है वह व्यक्ति
पूरा जीवन आनन्द से व्यतीत करता है । दूसरों के प्रति उसका
व्यवहार अत्यन्त मधुर एवं सरल होता है तथा उसकी पत्नी
सुन्दर, सुशील एवं शिक्षित होती है । ऐसा व्यक्ति धर्म
विज्ञान आदि में भी पूर्ण रुचि रखता है । एक प्रकार से देखा
जाय तो उसके जीवन में भौतिकता और आध्यात्मिकता का
अपूर्व समन्वय है ।