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बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana

महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा

DevanagariHindipublished350 पृष्ठ

पृष्ठ 211, कुल 350 में से

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पृष्ठ 211

( २१० )
उसके व्यक्तित्व का प्रभाव उससे मिलने वालों पर पड़ता है, जिसकी वजह से
समाज में वह अत्यन्त लोकप्रिय हो जाता है।
ऐसा व्यक्ति अपने जीवन में सुखी, सफल एवं आनन्दमय जीवन व्यतीत करता
हुआ समाज में सम्मानित होता है ।
सुनफा योग :
यदि हथेली में सूर्य शनि तथा बुध पर्वत विकसित हो
तथा ये तीनों ही रेखाएं स्पष्ट एवं बिना कटी हुई हों तो उसके
हाथ में सुनफा योग होता है ।
फल ‧ जिस व्यक्ति की हथेली में सुनफा योग होता है वह
जीवन में परिश्रमी होता है और परिश्रम के बल पर ही धन
संचय करता है और समाज में सम्माननीय स्थान बनाता है ।
उसके प्रत्येक कार्य में सावधानी और चतुराई होती है । दूरदर्शी
होने के कारण इसके सभी निर्णय सही होते हैं । ऐसा व्यक्ति
जीवन में पूर्णतः सुखमय जीवन व्यतीत करता है । [चित्र: सुनफा]
टिप्पणी . यह योग मुख्यतः सूर्य, शनि, तथा बुध पर्वत की वजह से होता है । इसमें
एक शर्त यह होती है कि बुध रेखा शनि रेखा तथा सूर्य रेखा का हथेली के बीच में
परस्पर सम्बन्ध होना आवश्यक होता है । नीचे मैं प्रत्येक ग्रह से संबंधित विशेष
फल स्पष्ट कर रहा हूँ :
बुध :—यदि हथेली में सुनफा योग हो और बुध पर्वत तथा बुध रेखा दूसरों
की अपेक्षा ज्यादा विकसित हो, स्पष्ट हो तो वह व्यक्ति कलाओं में विशेष रुचि रखने
वाला होता है। ऐसा व्यक्ति सामाजिक परम्पराओं तथा सामाजिक उत्तरदायित्व
को पूरी तरह से निभाता है । साथ ही ऐसा व्यक्ति सामाजिक रूढ़ियों को मानने
वाला बुद्धिमान सुन्दर एवं परोपकारी होता है ।
शनि :--यदि हथेली में सुनफा योग हो परन्तु शनि पर्वत एवं शनि रेखा
विशेष पुष्ट एवं सीधी हों तो वह व्यक्ति बुद्धिमान होता है तथा राजनीति में विशेष
सफलता प्राप्त करता है । ऐसे व्यक्ति को जीवन में धन की कोई चिंता नहीं रहती ।
मन में प्रत्येक बात छिपाकर रखने में सफल रहता है और जब तक कार्य सिद्धि नहीं
हो जाती तब तक वह उस बात को उजागर नहीं करता । उसका व्यवहार सरल,
सीधा तथा भेदपूर्ण होता है ।
सूर्यः —यदि हाथ में सुनफा योग हो परन्तु सूर्य पर्वत विशेष रूप से विकसित
हो तथा सूर्य रेखा बलवान हो तो वह व्यक्ति उच्च स्तर का सम्मानित अधिकारी