बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)
Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana
महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा
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१२. सूर्य रेखा पर यदि वृत्त का चिन्ह हो तो वह अपने जीवन में असाधारण
सफलता प्राप्त करता है तथा भौतिक दृष्टि से वह पूर्ण सुखी एवं सम्पन्न होता है ।
१३. भाग्यरेखा पर वृत्त का चिन्ह व्यक्ति को भाग्यहीन बनाता है तथा
जीवन-भर उसे परेशानियां भोगनी पड़ती हैं ।
१४. यदि यात्रा रेखा पर वृत्त का चिन्ह हो तो यात्रा में वह मरण-तुल्य
कष्ट उठाता है ।
५. द्वीप :
हथेली में यह चिन्ह कहीं पर भी दिखाई दे सकता
है । जिस स्थान पर भी यह चिन्ह होता है उस स्थान के प्रभाव
को यह कमजोर करने में ही सहायक होता है ।
१. गुरु पर्वत पर यदि द्वीप का चिन्ह हो तो उस व्यक्ति
के आत्म-विश्वास में कमी आती है तथा उसे अपने आप पर ही
भरोसा नहीं रहता ।
२. शनि पर्वत पर द्वीप का चिन्ह व्यक्ति को पग-पग
पर परेशानियां देने में सहायक होता है ।
३. यदि रवि पर्वत पर द्वीप का चिन्ह हो तो वह
व्यक्ति हमेशा निराशावादी भावना लिये हुए जीवित रहता है
तथा उसका स्वभाव चिड़चिड़ा हो जाता है ।
४. बुध पर्वत पर द्वीप का चिन्ह व्यापार या विज्ञान से सम्बन्धित कार्यों में
हानि पहुंचाता है । ऐसे व्यक्ति को समाज में निन्दा का पात्र बनना पड़ता है ।
५. यदि हथेली में चन्द्र पर्वत पर द्वीप हो तो उसका स्वभाव क्रूर तथा
निर्दयी होता है ।
६. शुक्र पर्वत पर द्वीप का चिन्ह पारिवारिक जीवन में घातक माना गया
है । जीवन में चारों ओर से उसे निराशा का सामना करना पड़ता है ।
७. जीवन रेखा पर यदि द्वीप हो तो व्यक्ति सैक्स की दृष्टि से कमजोर
होता है ।
८. मस्तिष्क रेखा पर द्वीप दिमाग से सम्बन्धित रोगों से पीड़ित रखता है ।
९. हृदय रेखा पर यदि द्वीप का चिन्ह हो तो उसके जीवन में बराबर हृदय
रोग बना रहता है ।
१०. यदि सूर्य रेखा पर द्वीप हो तो उसे जीवन में कई बार बदनामियों का
सामना करना पड़ता है ।