बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)
Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana
महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा
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६. यदि बुध क्षेत्र पर काला तिल हो तो वह व्यक्ति कुटिल तथा धोखेबाज
होता है । ऐसे व्यक्ति को व्यापार में हानि उठानी पड़ती है ।
७. यदि चन्द्र क्षेत्र पर काला तिल हो तो व्यक्ति का विवाह विलम्ब से होता
है । जीवन में उसे एक से अधिक बार जलघात से भी पीड़ित होना पड़ता है ।
८. यदि प्रजापति क्षेत्र पर तिल की उपस्थिति हो तो उसके शरीर का एक
अंग शस्त्र से कट जाता है ।
६. केतु क्षेत्र पर काला तिल व्यक्ति के बचपन को दुखमय बनाता है ।
१०. यदि शुक्र क्षेत्र पर काला तिल हो तो वह व्यक्ति कामी होता है तथा
जीवन भर उसके गुप्तांगों में रोग रहता है ।
११. राहू क्षेत्र पर यदि काला तिल हो तो यौवनावस्था में उसे आर्थिक हानि
उठानी पड़ती है ।
१२. जीवन रेखा पर यदि काला तिल हो तो व्यक्ति को लम्बे समय तक
टी०बी० का मरीज रहना पड़ता है ।
१३. यदि मस्तिष्क रेखा पर काला तिल हो तो उसे सिर पर गम्भीर चोट
लगती है तथा मस्तिष्क से सम्बन्धित रोग बराबर बने रहते हैं ।
१४. यदि हृदय रेखा पर काला तिल हो तो वह व्यक्ति दुर्बल हृदय वाला
होता है ।
१५. सूर्य रेखा पर काला तिल व्यक्ति की उन्नति में बराबर बाधाएं
डालता है ।
१६. यदि हथेली में भाग्य रेखा पर काला तिल हो तो उसका जीवन दुर्भाग्य-
पूर्ण ही रहता है ।
१७. स्वास्थ्य रेखा पर काला तिल जीवन-भर उसके स्वास्थ्य को कमजोर
बनाये रखता है ।
१८. विवाह रेखा पर काले तिल की उपस्थिति विवाह में बाधाएं पैदा
करती है ।
१९. यदि मंगल रेखा पर तिल हो तो ऐसा व्यक्ति कायर तथा कमजोर हृदय
वाला होता है ।
२०. चन्द्र रेखा पर तिल मानव की उन्नति में बाधाएं देता है ।
२१. यदि यात्रा रेखा पर तिल हो तो यात्रा में ही उस व्यक्ति की मृत्यु
होती है ।
२२. अनामिका उंगली पर तिल का चिह्न व्यापार में असफलता देता है ।
२३. यदि कनिष्ठिका उंगली पर काला तिल हो तो वह व्यक्ति व्यापार में
हानि उठाता है तथा व्यापार का विस्तार नहीं कर पाता ।