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सर्वकोश
बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana

महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा

DevanagariHindipublished350 पृष्ठ

पृष्ठ 15, कुल 350 में से

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पृष्ठ 15

( १४ )

एक और उदाहरण से मैं इस बात को प्रामाणिक कर देना चाहता हूँ कि हाथ
की रेखाएं जो भी कहती हैं, वह अपने आप में पूर्ण सत्य होती हैं। मृत्यु का समय तथा
मृत्यु की तारीख हाथ की रेखाएं काफी समय पहले स्पष्ट कर देती हैं। मृत्यु से
६ माह पूर्व मध्यमा उंगली के नाखूनों पर आड़ी-तिरछी रेखाओं का जाल-सा बन
जाता है। जब ऐसा जाल दिखाई देने लग जाए तब यह समझ लेना चाहिए कि
यह व्यक्ति अब छः महीनों से ज्यादा जीवित नहीं रह सकेगा। मैंने अपने जीवन में
लगभग १५-२० व्यक्तियों के हाथों में जिस समय ये चिह्न देखे, उस समय वे पूर्णतः
स्वस्थ थे परन्तु उनकी मृत्यु की सूचना अगले पांच-छः महीनों में ही मिल गई। ठीक
इसी प्रकार मृत्यु से सम्बन्धित रेखाएं तीन प्रकार की होती हैं।
१. जीवन रेखा चलते-चलते जहां एकदम रुक जाती है और जहां यह रेखा
रुकती है, उसके आगे ही काला धब्बा या क्रास का चिह्न बन जाए और उस क्रास के
चिह्न से यदि जीवन रेखा की ओर सीधी रेखा खींचें तब उससे जो समय स्पष्ट होता
है, वही उस व्यक्ति की आयु होती है।
२. हृदय रेखा मार्ग में लोप हो गई हो और शनि पर्वत के नीचे सहसा ही
दिखाई दे जाए तो समझ लेना चाहिए कि इस व्यक्ति की मृत्यु बीच रास्ते में ही हो
जाएगी या यह व्यक्ति पूरी आयु नहीं भोग सकेगा।
३. यदि हृदय रेखा मस्तिष्क रेखा से शनि पर्वत के नीचे या गुरु पर्वत के
नीचे मिले और दूसरे हाथ में भी ऐसा ही योग दिखाई दे तो वह व्यक्ति पूरी आयु
नहीं भोगता है। पूरी आयु से मेरा मतलब उस देश के व्यक्तियों की सामान्य औसत
आयु से है। भारतवर्ष में पूर्ण आयु लगभग ६० वर्ष से ७० वर्ष के बीच मानी जाती
है। यदि कोई व्यक्ति ४० या ४५ वर्ष की आयु में ही मृत्यु को प्राप्त हो जाता है तो
ऐसी मृत्यु पूर्ण आयु नहीं कहलाती।
ये तथ्य अपूर्ण आयु के सूचक हैं। अब यह ज्ञात करने के लिए कि वास्तविक
आयु कितनी होगी तो जब ऐसा चिह्न दिखाई दे जाए तब सबसे पहले यह बात तो
स्पष्ट हो ही जाती है कि इस व्यक्ति की अपूर्ण आयु है और जब यह तथ्य स्पष्ट हो
जाता है तो उस चिह्न से आयु रेखा तक रेखा खींचकर या अनुमान लगाकर आप उसकी
वास्तविक आयु ज्ञात कर सकते हैं।
मैं ऊपर की पंक्तियों में यह स्पष्ट कर रहा था कि हस्तरेखा मज़ाक की वस्तु
नहीं है या इस पर अविश्वास करने की आवश्यकता नहीं है बल्कि ये रेखाएं पूर्ण सत्य
को स्पष्ट करने में सहायक हैं, साथ ही साथ भविष्य से सम्बन्धित तथ्य को जितनी
स्पष्टता के साथ ये रेखाएं स्पष्ट करती हैं, उतना अन्य कोई विज्ञान नहीं।
हस्तरेखा के अध्ययन के लिए कई बातें ध्यान में रखनी चाहिए। इनमें से कुछ
तथ्य अग्रिलिखित हैं :-