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सर्वकोश
बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana

महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा

DevanagariHindipublished350 पृष्ठ

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पृष्ठ 102

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८. यात्रा रेखा : अंग्रेजी भाषा में इसको 'ट्रेवलिंग
लाइन' कहा जाता है । यह यात्रा वायुयान यात्रा, जल यात्रा
या पैदल यात्रा किसी भी प्रकार की यात्रा को स्पष्ट करती
है । परन्तु सूक्ष्मता से देखने पर ज्ञात होता है कि इस रेखा पर
अलग-अलग प्रकार के चिह्न होते हैं जिनमें यात्राओं का भेद
ज्ञात किया जा सकता है यह रेखा चन्द्र रेखा पर या शुक्र
क्षेत्र से, मंगल क्षेत्र की ओर जाती हुई राहू क्षेत्र को पार कर
चन्द्र पर्वत की ओर जाती हुई दिखाई देती है । ऐसी रेखाएं
मोटी और पतली दोनों ही प्रकार की दिखाई देती हैं ।
यात्रा रेखा

९. सन्तति रेखा : इन रेखाओं को 'लाइन्स आफ
चिल्ड्रन' भी कहते हैं। ये रेखाएं बुध पर्वत के पास में विवाह-
रेखा पर खड़ी लकीरों के रूप में दिखाई देती है । वास्तव में
ये रेखाएं बाल के समान पतली होती है जिनको नंगी आंखों
से देखना सम्भव नहीं रहता ।
सन्तति रेखा

१०. मणिबन्ध रेखा : ये रेखाएं कलाई पर पाई जाती हैं
परन्तु इनकी संख्या अलग-अलग हाथों में अलग-अलग होती है।
किसी व्यक्ति के हाथ में एक मणिबन्ध रेखा किसी में दो तीन
या चार मणिबन्ध रेखाएं भी देखने को मिल जाती है ।
मणिबन्ध रेखा