विविध तीर्थ कल्प (आचार्य जिनप्रभ सूरि - प्राचीन भारतीय तीर्थ, ऐतिहासिक भूगोल व पुराविहार)

विविध तीर्थ कल्प (आचार्य जिनप्रभ सूरि - प्राचीन भारतीय तीर्थ, ऐतिहासिक भूगोल व पुराविहार)
Vividha Tirtha Kalpa of Jinaprabha Suri
आचार्य जिनप्रभ सूरि (सम्पादक: मुनि जिनविजय) द्वारा
DevanagariSanskritpublished442 पृष्ठ
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पृ० पंक्ति अशुद्ध शुद्ध
२८७ २४ पीरपापहन °पट्टन
२८८ ५ घुलेवा धुलेवा
२८८ ८ पीरपाहन °पाट्टण
२८५ ११ गटीसर भार्यें गढीसर माथै
२८५ १२ क्षत्री छत्री
२८९ २ जिन सूर जिनरंग सूरि
२९० २१ कलान कल्याण
२९१ १ उपसारु उपासरो
२९१ १४ मुखर पुखर
२९१ १४ समसरण सोमासरण समोसरण
२९३ २६ विलोक विलोड
२९४ १ भदीकत रेखा नदी किनारे
२९४ १८ पिप्पणक Seroll टिप्पणक Scroll
३०१ १८ कोहिडी कोहडी
३०६ ६ स्नानादि स्नात्रादि
३०६ १२ सार्थवाह सार्थवाह ने
३११ २ कुती कुन्ती
३१२ १३ दिवा दिव्य
३१४ १ पद्मनाम पद्मनाभ
३१७ ४ भूपढ भूयड़
३१७ २२ वितावगे बितावेंगे
३१९ २० पद्मनाम पद्मनाभ
३३२ ८ द्रविण द्राविड
३३५ १२ पद्यनाभ पद्मनाभ
३३६ २१ साध्पी साध्वी