विविध तीर्थ कल्प (आचार्य जिनप्रभ सूरि - प्राचीन भारतीय तीर्थ, ऐतिहासिक भूगोल व पुराविहार)
Vividha Tirtha Kalpa of Jinaprabha Suri
आचार्य जिनप्रभ सूरि (सम्पादक: मुनि जिनविजय) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें३५० विविध तीर्थ-कल्प
सिंहगुफा (पल्ली) १८३, १८८
सिंहनाद ११
सिंहपुर ४, ९३, १९४
सिंहलद्वीप २५, ४६, १९३
सिंहलेश्वर ४७
सुन्दर वाहु ९४
सुधर्म (आर्य) ८८
स्कदकाचार्य १६०
स्कन्दिलाचार्य ४३
स्थानागादि नवागवृत्ति २४०
स्वर्णवालुका नदी १३
स्वर्णरेखा नदी २१
स्वर्णकुम्भ मुनि १४६
स्तभन पार्श्व कल्प ७, ३५, १८०
स्तभन पार्श्वनाथ २३६, २३८
२४०, २४३
स्तभनपुर २६, २९, १९४
स्वर्गारोहण चैत्य ७
स्थूलभद्र ८८, १५६
-ह-
हडाला ग्राम १८०
हस्तिनापुर ४, ६०, ६१, ९८, २०८,
२१२, २१७
हस्तिपाल (राजा) ७७
हस्ति (राजा) ६०, २१२
हम्मीर ६६
हम्मीर (युवराज) ६७
हम्मोर (मुहम्मद) २४८
हरिकेग वल ४२
हरिखी नगर १२१, १२२,
१२३, २४३
हरिण गमेसी ७७
हरिभद्र सूरि २१८
हरिश्चन्द्र (राय) १६५, १६६,
-६८
हर्षपुरीय गच्छ १७४
हरिषेण ११२
हरिहर ३१
हल्ल-विहल्ल ५१
हव्वसमल्लिक १५१
हारीत (गोत्र) १७१
हाल (राजा) १४३
हालगाह १२९
हिमाचल ३४, १९५
हिरण्यगर्भ ३१
हेमचन्द्र सूरी (१) ४९, २१८
हेमचन्द्र सूरी (२) मलवारि २७५
हेमसरोवर १९५
हेमघर ५८
हसद्वीप १९४
हुडिक (यक्ष) ४१