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विवेकचूड़ामणि (हिन्दी अनुवाद सहित)

विवेकचूड़ामणि (हिन्दी अनुवाद सहित)

Viveka Chudamani with Hindi Translation - Gita Press

आदि शङ्कराचार्य द्वारा

स्रोत: गीताप्रेस गोरखपुर · गीताप्रेस गोरखपुर · 1940 (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished153 पृष्ठ

पृष्ठ 2, कुल 153 में से

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॥ श्रीहरिः ॥

विषय-सूची

विषय पृष्ठ-संख्या | विषय पृष्ठ-संख्या
१-मंगलाचरण ................................ ७ | २०-पंचप्राण ............................ २८
२-ब्रह्मनिष्ठाका महत्त्व ........... ७ | २१-सूक्ष्म शरीर ........................ २९
३-ज्ञानोपलब्धिका उपाय ......... ९ | २२-प्राणके धर्म ........................ ३०
४-अधिकारिनिरूपण ................. १० | २३-अहंकार ............................. ३१
५-साधन-चतुष्टय ..................... १० | २४-प्रेमकी आत्मार्थता ............ ३१
६-गुरूपसत्ति और प्रश्नविधि .....१३ | २५-माया-निरूपण ................... ३२
७-उपदेश-विधि ....................... १५ | २६-रजोगुण ............................ ३३
८-प्रश्न-निरूपण ..................... १७ | २७-तमोगुण ............................ ३३
९-शिष्य-प्रशंसा ..................... १८ | २८-सत्त्वगुण ........................... ३५
१०-स्व-प्रयत्नकी प्रधानता ........ १८ | २९-कारण-शरीर ...................... ३५
११-आत्मज्ञानका महत्त्व ........... १९ | ३०-अनात्म-निरूपण .............. ३६
१२-अपरोक्षानुभवकी | ३१-आत्म-निरूपण .................. ३६
आवश्यकता .................... २० | ३२-अध्यास ............................ ३९
१३-प्रश्न-विचार ...................... २१ | ३३-आवरणशक्ति और
१४-स्थूल शरीरका वर्णन ......... २३ | विक्षेपशक्ति ....................... ४१
१५-विषय-निन्दा ..................... २४ | ३४-बन्ध-निरूपण ................... ४२
१६-देहासक्तिकी निन्दा ........... २५ | ३५-आत्मानात्म-विवेक ............ ४२
१७-स्थूल शरीर ..................... २६ | ३६-अन्नमय कोश .................... ४४
१८-दस इन्द्रियाँ ..................... २७ | ३७-प्राणमय कोश ................... ४८
१९-अन्तःकरणचतुष्टय ............ २८ | ३८-मनोमय कोश .................... ४८