विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)
Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha
विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा
DevanagariHindipublished704 पृष्ठ
पृष्ठ 697, कुल 704 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 697
५१० आनन्द मन्दिर
जो स्त्रियां अपने कुरूप तथा अगभंग पति का निरादर करके
स्वरूपवान पर पुरुप की मन में भी इच्छा करती हैं। जो स्त्रिया
किसी कारण से भी पर पुरुप गासिनी होती है अथवा पर पुरुप
की इच्छा करती हैं ऐसी सब स्त्रियो को मरने पर यमराज के यहाँ
बड़ा कठोर दण्ड मिलता है।
जिस पुरुप के साथ उनकी बुद्धि भ्रष्ट होती है उसी पुरुप
के साथ उन्हे दण्ड मिलता है इसी लिये धर्म्म शात्रों में महा-
त्माओं ने पर स्त्री गमन तथा पर पुरुप प्रसंग से इस लोक और
परलोक दोनों का कर्म्म फल बतलाया है।
अपनी ही स्त्री से प्रेम अपने ही पति से स्नेह और सुख
तथा आनन्द भोग की इच्छा पति पत्नियो को रखनी चाहिये।
॥ समाप्त ॥