विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)
Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha
विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा
पृष्ठ 665, कुल 704 में से
संदर्भ में पढ़ें४७८ आनन्द मन्दिर
वर्षों में लाखों पुरुषो का इलाज उनकी स्त्रियो द्वारा करके आराम
कर दिया गया है।
सब प्रकार की चिट्ठियां गुप्त रक्खी जाती हैं इसलिये संकोच
न कर रोग का पूरा हाल लिखकर फायदा उठाइये।
मूढ़ गर्भोँ की उत्पत्ति
विपरीत आसन से रतिक्रिया करने से गर्भाशय को हानि
पहुँच कर तथा गर्भवती स्त्री से रतिक्रिया करने से गर्भ को हानि
पहुँच कर मूढ़ गर्भोँ की उत्पत्ति होती है। मूट गर्भोँ के कुछ
चित्र दो बच्चे होने के चित्रों के साथ बतलाए गये हैं। यहां पर
नीचे दिए गए चित्रों से पाठक पाठिकाओं की यह भलीभांति समझ
में आजावेगा कि गर्भवती से रतिक्रिया करने से गर्भ की स्थिति
अनेक प्रकार की होजाती है जिसके कारण गर्भ और गर्भवती
दोनों के प्राणान्त तक का समय आजाता है।