विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)
Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha
विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा
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३६८ आनन्द मन्दिर
विपरीत आसन से गर्भाशय को हानि
विपरीत आसन से जो मूर्ख पुरुष रतिक्रिया करते हैं उनकी
स्त्रियों के गर्भाशय को बड़ी हानि पहुँचती है गर्भाशय के मुख को
हानि पहुँचने से पुरुष का वीर्य गर्भाशय में जा ही नहीं सकता और
जब गर्भाशय के भीतरी हिस्से में खराबी होजाती है तब प्रायः
गर्भस्राव व गर्भपात हो जाया करता हैं। इसलिये तरह तरह के
उलटे सीधे तिरछे आसनों से सम्भोग करना आयुर्वेद में हानिकारक
बतलाया गया है ।
गर्भाशय का आगे का हिस्सा
ऊपर वाला चित्र स्त्री के गर्भाशय के स्थान का आगे का हिस्सा
है। जब कभी गर्भवती स्त्री नितम्बों के बल किसी कारण से गिर