विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)
Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha
विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें१४४ \quad\quad\quad आनन्द मन्दिर
इस विषय के न जानने से सैकड़ा पीछे ७५ पचहत्तर स्त्रियां
अनियम गर्भाधान क्रिया से गर्भवती होकर गर्भस्त्राव व गर्भपात
के दुःख से तथा प्रसव समय के कष्ट और मूढ गर्भों के कारण
रोगी और दुर्बल हो तथा प्रसूत तपेदिक आदि अनेक भयंकर
रोगों से ग्रसित हो दुःखमय जीवन व्यतीत करती हैं बहुतेरी तो
प्रसव समय मे काल का कलेवा बन जाती हैं।
इसका कारण अभी तक किसी की समझ में नही आया
है, क्योकि अभी तक इस विषय की कोई पुस्तक नही बनी। इस
विषय मे०स्त्रियो को जितनी हानि, नकली मनगढंत कामशास्त्र व
कोकशास्त्र सम्बन्धी पुस्तको से पहुंची है, वह लिखकर नहीं बत-
लाई जा सकती।
जितनी इस विषय की पुस्तके बनी हैं, वे सब आरोग्यता
के नियम के विरुद्ध हैं। लोग बिना सोचे समझे अपनी कामाग्नि
की शान्ति के लिये उन पुस्तकों मे लिखे प्रयोग तथा आसन
काम में लाते हैं, जिससे स्त्रियों को अनेक प्रकार की हानि पहुंच
रही है और यदि उस मूर्खता पूर्ण विपरीत रति से गर्भ रह जाता
है तो मूढ गर्भों की उत्पत्ति होती है। जिसके कारण जच्चा और
बच्चा दोनो जीवन लीला समाप्त कर जाते हैं।
आशा है सब इस विषय को भलीभांति समझ कर पुरुषमात्र
अनियम रति से बचेगे और अपनी प्यारी पत्नी को भी बचवेंगे
तथा उत्तम हृष्ट-पुष्ट सन्तान उत्पन्न कर दाम्पत्य-जीवन को
सुखमय बनावेगे।