विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)
Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha
विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा
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विवाह विज्ञान-कामशास्त्र ४१७
इस कारण सोलह वर्ष से कम अवस्थावाली स्त्री मे गर्भ-
स्थापन करना वर्जित है इससे उस स्त्री के अनेक प्रकार के
योनि रोग उत्पन्न होजाते हैं।
उपप्लुता योनि
गर्भिण्याः श्लेष्मलाभ्यासाच्छर्दिःश्वासविनिग्रहात्।
वायुः क्रुद्धःकफं योनिसुपनीय प्रदूषयेत् ॥
पाण्डुं सतोदमास्रावं श्वेतं स्रवति वा कफम्।
कफवाताभयव्याप्ता सा स्याद्योनिरुपप्लुता ॥
अर्थात्—कफ को बढाने वाले पदार्थों के अत्यन्त सेवन
करने से तथा उलटी रोकने से और वायु सम्बन्धी वेगो को
रोकने से, गर्भिणी स्त्री की वायु कुपित होकर कफ को योनि मे
लाकर दूषित कर देती है तब योनि में सुई छिदने के समान
पीड़ा होकर पीले रग का कफ के समान स्राव होता है अथवा
सफेद सफेद कफ की समान निकलता है। कफ वात रोगो से
युक्त ऐसी योनि को उपप्लुता कहते हैं।
परिप्लुता योनि
पित्तलाया नृसंवासे क्षवथूद्गार धारणात् ।
पित्तं संमूर्च्छितो वायुर्योनिं दूषयति स्त्रियाः ॥
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