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विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha

विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा

DevanagariHindipublished704 पृष्ठ

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पृष्ठ 574

विवाह विज्ञान-कामशास्त्र ३६६

प्रायः वेश्याओ से पुरुषों को होता है और पुरुषो से उनकी
स्त्रियों को होता है। स्त्रियो से सन्तान को और सन्तान से सन्तान
को इसप्रकार कई पीढ़ी तक यह रोग पीछा नहीं छोड़ता इसका
पूरा हाल लिखा जावे तो एक बड़ी भारी पुस्तक बन जावेगी
इसका पूरा हाल इस पुस्तक के दूसरे भाग में लिखा जावेगा
यहां पर केवल इतना ही बतलाना है कि स्त्रियो को ऐसे गुप्त रोग
उनके पति की कृपा से ही मिला करते हैं।
योनि मे होकर यह रोग गर्भाशय तक पहुँचता है जिससे
सन्तान श्रग भंग होती है गर्भस्राव व गर्भपात होजाता है
यदि सन्तान हुई भी तो रोगी होती है।
योनि की गांठ
पति की अज्ञानता और व्यभिचार से पत्नी की योनि मे
गांठ पड़जाती है इस गांठ के कारण गर्भाधान क्रिया के समय
स्त्री को कष्ट होता है इस लिये रतिक्रिया ठीक नहीं हो सकती
और गर्भ भी नहीं रहता। यदि इलाज ठीक और शीघ्र न हुआ
तो यह गांठ बढ़ कर गर्भाशय के मुख तक पहुंचकर गर्भाशय
को भी खराब करदेती है।
इस गांठ का भी अंग्रेजी चिकित्सा प्रणाली मे आपरेशन
होता है परन्तु हमारे देशी इलाज में विना आपरेशन के ही रोग
दूर कर दिया जाता है। इस रोगवाली अनेक स्त्रियां मेरे पास आईं।
यह रोग विपरीत आसन की रति से उत्पन्न हुआ देखा गया है।