विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)
Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha
विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें३८४ आनन्द मन्दिर
अनियम रतिक्रिया करने वालो सावधान !
मासिक धर्म के दिनों मे गर्भाशय निर्बल और अधिक
कोमल होजाता है क्योंकि ऋतु का रक्त निकलने के लिये गर्भा-
शय का मुख भलीभांति खुल जाता है रक्त प्रवाह से गर्भाशय
मे निर्बलता आजाती है । जो अज्ञानी कामान्ध पति ऐसी दशा
मे संभोग करते हैं तथा जो मासिक धर्म्म के बाद विपरीत
आसन से रति करते हैं उनकी स्त्रियों के गर्भाशय का मुख टेढ़ा
होजाता है जैसा ऊपर के चित्रों से स्पष्ट है ।
जो अज्ञानी विषयी पुरुष स्त्री को ऊपर बिठाकर संभोग
करते हैं उनकी स्त्री का गर्भाशय चित्र के अनुसार टेढ़ा होकर
योनि की दीवार से चिपक जाता है । अनेक स्त्रियों के गर्भाशय की
परीक्षा करने से ऐसा गर्भाशय देखा गया तब उनसे यह बात
पूछी गई । उन्होंने अपने पति की विपरीत आसन से लगातार
बीसो दिन तक रतिक्रिया करते रहने की बात कही । इस
अनुभव से मालूम हुआ है कि गर्भाशय का टेढ़ा होना विपरीत
आसन से रति करने का कारण है ।
जो अज्ञानी पति पशु की समान स्त्री की स्थिति करके
सभोग करते हैं उनकी स्त्रियो का गर्भाशय चित्र के अनुसार
योनि की दीवार मे पेडू की तरफ चिपक जाता है। यह भी परीक्षा
करने से और अनेक ऐसी रोगी स्त्रियो से जबानी हाल पूछने से
मालूम हुआ है । इस प्रकार टेढ़ा गर्भाशय मैंने स्वयं आंखो