विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)
Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha
विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंविवाह विज्ञान-कामशास्त्र ३७५
पूर्व के दोनो चित्रो से भलीभांति मालूम होता है कि
गर्भाशय का मुख वीर्य ग्रहण करने के लिये खुल नही सकता
इसलिये पुरुष का वीर्य गर्भाशय मे नही जा सकता और भीतरी
गांठ के कारण वीर्य गर्भाशय मे जाकर भी ठहर नहीं सकता ।
दूसरा कारण यह है कि गर्भाशय के भीतर गाठ हो अथवा
मुंह पर हो, कहीं भी हो, इस गांठ के कारण संभोग के समय
गर्भाशय पर दबाव पड़ने से स्त्री को कष्ट होता है इसलिये उसे
सभोग मे प्रसन्नता नही होती और वह सभोग की इच्छा भी
नही करती ।
गर्भाशय का मस्सा
गर्भाशय के मुख पर अथवा भीतर अनियम आहार विहार
से मस्सा उत्पन्न होता है इसके कारण स्त्री वन्ध्या होजाती है ।
गर्भाशय के मुख पर मस्सा
गर्भाशय की परीक्षा करने से अनेक स्त्रियो के गर्भाशय के
मुख पर इस प्रकार का मस्सा देखा गया है ।