विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)
Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha
विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें३२० आन्द मन्दिर
उसर के ब्याह से भविष्य मे सन्तान को क्या नुकसान होता है
इसका विचार न कर कितने ही अनसमझ माता पिता अपनी
सन्तान को बहुत ही छोटी उम्र मे अर्थात् जो समय विद्याभ्यास
का होता है उस समय उनको विवाह जंजाल मे फंसा देते हैं।
कितनी ही जातियो मे तो यह बाल विवाह की चाल इतनी
ज्यादा चलगई है कि बहुत ही छोटी अवस्था मे अर्थात् पांच
सात वर्ष के भीतर अपने बच्चो का कि जिन्हे विवाह किसे
कहते है यह भी नहीं मालूम ऐसे अज्ञान वालको का आप
माता पिता विवाह के चाव के मारे विवाह कर उनका भविष्य
बिगाड़ते है। ऐसे वालको को दोनो तरह से नुकसान पहुँचता.है
उस अवस्था मे विवाह के फंदे मे फसाया हुआ वालक केवल
विद्या ही नही पढ़ सकता किन्तु उसकी शारीरिक संपत्ति को
इतना धक्का लगता है कि जो एक योग्य वैद्य के इलाज से कही
वडी मेहनत के साथ भी अपनी असली दशा मे नही आता। आज
कल के समय को आप लोग यदि विचार करके देखे तो पहिले
के समय को देखते हुए अब मनुष्यो की मृत्यु बहुत ही छोटी
अवस्था मे होती है, इसका मुख्य कारण बाल विवाह है। इस
प्रसग पर हर एक का ध्यान पहुँचे इसलिये मैं यहां अच्छी तरह
खुलासा करके सब लिख रही हूं। ।आज कल सन्तान की
शारीरिक तथा मानसिक संपत्ति का नाश होने का कारण
खास करके वालविवाह है। इस बाल विवाह ने हिन्दू समाज का
बहुत नुकसान किया है और उसे गड्ढे मे गिराया है।