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विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha

विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा

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२०६ आनन्द मन्दिर
जिसके कारण उनकी औषधि कुछ भी फायदा नही करती इसी
कारण से रोग के मूल कारण को न जानकर उपस्थित उपद्रव
के प्रतिकार करने की चेष्टा करते हैं; परन्तु उससे क्या हो
सकता है, जब तक कारण का नाश न हो, कार्य का नाश होना
असम्भव है। रोगी और भी हताश हो जाता है। इसी कारण मैं
सबके समझने के लिये और सावधान करने के लिये इस विषय
को यहां विस्तार से लिखती हूँ।
यदि वैद्य रोगी से इस अवस्था का कारण पूछता है तो रोगी
लज्जित हो अपनी मूर्खता से लम्पटता की कथा न कहकर अत्यन्त
दुःख और दीनता प्रकट करते है तथा प्रत्यक्ष भी कहते हैं कि इस
“जिन्दगी से मर जाना ही अच्छा है”।
बुरे कर्मों से पुरुषेन्द्री की खराबियां
अण्डकोष लटक जाते हैं, कभी कभी उनमे पीड़ा होती है,
इन्द्री मे सुरसुराहट प्रतीत होती है, उत्तेजना कम, वीर्यपात
जल्दी, बिना आनन्द स्वप्नदोष, २१ प्रकार के प्रमेह, नामर्दी होती
है, रुचि बिलकुल नही होती, यदि कुछ होती भी है