विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)
Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha
विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा
पृष्ठ 222, कुल 704 में से
संदर्भ में पढ़ेंविवाह विज्ञान-कामशास्त्र १३३
दाम्पत्य कलह का कारण
दाम्पत्य कलह का मुख्य कारण पति पत्नी का सम्बन्ध
उचित न होना ही है। जोड़ा ठीक मिलाने के लिये ही हमारे देश
में जन्म पत्र आदि मिलाने की बहुत पुरानी प्रथा है क्योंकि
जन्म पत्र से, किस नक्षत्र में उत्पन्न होने से स्त्री पुरुष की क्या
प्रकृति होती है आदि का पता चलता है। यदि जन्म पत्र शुद्ध
ठीक ठीक जन्म के समय से बनी हो तो ग्रह सूर्य चन्द्रमा लग्न
राशि आदि के मिलान से सब बातों का पता लग जाता है।
वर और कन्या का योग्य जोड़ा मिलाने के लिये सब जातियों
में कुछ न कुछ प्रथा अवश्य है, किसी में कम किसी में ज्यादह।
पाश्चात्य देशों में जन्म पत्र की प्रथा नहीं है परन्तु वहां योग्य
जोड़े के मिलान के लिए दूसरी प्रथा है वे सब प्रथाए इसीलिये
हैं कि सम्बन्ध होकर दोनों पुरुष आनन्द पूर्वक जीवन पर्यन्त
रहें। हमारे यहां जन्मपत्र के मिलाने में भूल हो जाने अथवा
जन्मपत्र ठीक न बनने से तथा जो माता पिता किसी कारण
से जन्मपत्र में हेर फेर करा कर मेल करा देते हैं या कभी कभी
पंडित अपने स्वार्थ के लिये जन्म पत्र में हेर फेर करके विवाह को
योग्य करार दे देते हैं उससे विवाह बेमेल होजाते हैं और उसका
परिणाम यह होता है कि स्त्री पुरुष में कलह रहती है। विवाह का
उद्देश्य नष्ट होजाता है। दाम्पत्य जीवन कलह पूर्ण हो जाता है।
मनुष्य जीवन का जो आनन्द मिलना चाहिये वह नहीं मिलता है।