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विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha

विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा

DevanagariHindipublished704 पृष्ठ

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पृष्ठ 171

१०० आनन्द मन्दिर
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क्योकि ऋतुओ से समय समय पर शरीर की प्रकृति बद-
लती रहती है और उसी के अनुसार शरीर पर भोजन का भी
प्रभाव पड़ता है। हानिकारक भोजन से शरीर पर हानिकर प्रभाव
पडेगा और स्वास्थ्य कर भोजन से शरीर पर स्वास्थ्यकर असर
पडेगा। अच्छा बुरा भोजन स्वास्थ्य और शरीर पर तथा चित्त से
उत्पन्न होने वाले विचारों पर अपना पूरा प्रभाव जमाता है इस
लिये सुन्दर स्वास्थ्य और दाम्पत्य जीवन का सच्चा सुख चाहने
वाले पुरुष दम्पति को सदैव ऋतुचर्या का पूरा ध्यान रखना
चाहिये और उसी के अनुकूल अपना जीवन बनाना चाहिये।
इसलिये आगे के अध्याय मे ऋतुचर्या विषय पर प्रकाश डाला
गया है।