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विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha

विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा

DevanagariHindipublished704 पृष्ठ

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पृष्ठ 112

कामशास्त्र ५६

कामशास्त्र
जितने शास्त्र प्राचीन ऋषियो ने वनाये हैं, वे सव मनुष्यमात्र
की आरोग्यता तथा दीर्घजीवन के लिये वनाये हैं। सभी शास्त्रो
की शिक्षा मनुष्यमात्र के लिये समान उपयोगी है।
कामशास्त्र भी इसी का समर्थक है। कामशास्त्र मे भी
रतिक्रिया विधान और गर्भक्रिया विधान की ही शिक्षा दी गई
है परन्तु विषयी पुरुषों ने उसका नाम लेकर मनगढ़न्त
विषय वढ़ा दिये हैं। इस समय जितनी पुस्तके कामशास्त्र कोक-
शास्त्र सम्वन्धी निकल रही हैं। जिनको सव असली कोकशास्त्र
वतलाकर नोटिस देते हैं। पाठको ! को यह विचारना चाहिये कि
सव ही अपने कोकशास्त्र कामशास्त्र को असली वतलाते हैं
तो नकली कौनसा है। इससे समझ लेना चाहिये कि असली
एक भी नहीं है सव मनगढ़न्त हैं।
विषयी लोग धोखे में आकर चौरासी आसनो का नाम सुन-
कर कोकशास्त्र मगा लेते हैं और ठगे जाते है। क्योकि उनमे सच्चे
श्रासनादि के चित्र तो निकलते नहीं, बहुत सी झूठी सच्ची मन
गढ़न्त वाते भरी रहती हैं। ग्राहक हाथ मलकर रह जाते हैं। इस
लिये ऐसी वातो से हमेशा वचना चाहिये। कोई भी वस्तु मगाने
से पूर्व उसकी असलियत के विषय मे पूरी तरह से निर्णय कर
लेना चाहिये तब मंगाना चाहिये। केवल पुस्तक के नाम मात्र
से उद्वेग में न आ जाना चाहिये।