विष्णु स्मृति (वैष्णव धर्मशास्त्र - नन्दपण्डित कृत वैजयन्ती टीका सहित सटीक)
Vishnu Smriti with Vaijayanti Commentary of Nanda Pandita
महर्षि विष्णु (टीकाकार: नन्दपण्डित, सम्पादक: जूलियस जॉली) द्वारा
पृष्ठ 231, कुल 392 में से
संदर्भ में पढ़ेंIX
| मात्रा ६५, १४. | वसुधा ६६, ५. | श्रीफलवृक्ष ४६, १६. |
| मासिकार्य २१, १६. | वातगुल्मिन् ४५, २७. | श्लेष्मन् ५४, १६. |
| मिश्रचौर ४५, १०. | वाग्गुद ४४, ३०. | श्वजीविन् ५१, १५. |
| मूलवृक्ष ४६, १५. | विकर ५, ८१. | सकूर्च ६१, १६. |
| मृगलोमिक २३, २४. | विजिह्व ५, २३. | सघृत ६०, २७. |
| मृतजात २२, २६. | विमांस ५, ४६. | संकरसंकर १६, ७. |
| मृताह २१, ११. | विमेघ ६६, ६. | संकारीकरण ३३, ४; ३६, |
| मृष्टाशिन् ४५, २७. | विरागय ७१, ५७. | १, २; ४३, २८; ४४, ७. |
| यज्ञगम्य ६८, ५६. | विश्वधर ६८, ६६. | सांख्याचार्य ६८, ५६. |
| यज्ञनिधन ६८, ५७. | विषत्व १३, ६. | सचामर ६६, १३. |
| यज्ञमूर्ति १, ५२. | विषमत्व १७, ६. | सततयायिन् २०, २२. |
| यज्ञयोग ६८, ५५. | विष्णुपद ८५, ४०. | सतालवृन्त ६६, १३. |
| यज्ञवत् ६६, १४. | वृका ६६, ६२. | सदीपक ६७, ४६. |
| यत्र वचनेनोत्पादित १५, | वृथालिङ्गिन् ८२, ६. | संधिनी ५१, ४०. |
| २७. | वेष ५१, १४. | सपुत्र ६, २६. |
| यथाभूयस् ७३, २. | वेदाग्न्युत्सादिन् ५४, १३. | सपुष्प ६६, १६. |
| युक्ति ७, १२. | वैकुण्ठ ६८, ५६. | सप्रन् ६८, ४४. |
| योनि २, १३. | व्याधता १६, ६. | सप्तशीर्ष १, ५६. |
| रज्जुदाल ५१, २६. | व्योमन् १, ५४. | सप्रागारिक ६६, ३. |
| रम्य ६६, १६. | व्रात्यता ३७, १६. | सप्तार्ध ८५, ३६. |
| राजसात्त्विक ७, २, ३. | शङ्खचक्रगदाधर १, ५०. | सम १, २४. |
| राम ७३, २६. | शशाका ६६, ५६. | समय ६, २३; ६, १; |
| रूपसौभाग्यवन्त् ६०, २ | शीतवृक्ष ४६, १२. | ११, ६. |
| लक्ष्मीपति ६८, २८. | शीर्ष ६, २०, २२. | समानव्रतचारित्व २५, १. |
| लेख १. ७, ७. २. ६८, | शीलफलक. २८, २८. | समानार्षप्रवर २४, ६. |
| ६३. | शुचितश्रवस् ६८, ७०. | सर्वतःसर्वेन्द्रियवृत्ति ६७, |
| वट् ४३, ३८. | शुक्ला १७, १८. | सर्वहर १८, २८. [४. |
| वट ८५, ५, ६६. | शुक्ला २३, १६. | सर्वभयप्रद १, ५५. |
| वडवा ८५, ३७. | शौना ७८, ६. | सर्विलार्यविप्रशायक १, ५२. |
| वराहपर्वत ८५, ७. | श्यामु २३, ५३; ६६, ८५. | सशाद्वल ६६, १७. |
| वशवर्तिन् ६८, ५२. | श्रीपर्वत ८५, ३४. | ससुगन्धिगात्र ६६, १६. |