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विज्ञान भैरव तन्त्र (११२ ध्यान धारणाएँ - हिन्दी व्याख्या सहित)

विज्ञान भैरव तन्त्र (११२ ध्यान धारणाएँ - हिन्दी व्याख्या सहित)

Vijnana Bhairava Tantra with Hindi Commentary

भगवान भैरव / प्रो. ब्रजवल्लभ द्विवेदी द्वारा

स्रोत: मोतीलाल बनारसीदास / चौखम्बा · मोतीलाल बनारसीदास / चौखम्बा · 1950 (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished256 पृष्ठ

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१९२ : विज्ञानभैरव
परमशिव ४८, १०२, १७२ पुरीषकलश १३३
परमाकाश ३५, ९३ पुर्यष्टक ५३-५४
परमोदय ६८-६९ पूजक १९, १५७-१६२, १६६
परशिष्य १७४ पूजा (पूजन) १९, १५७-१६२, १६४-१६६
परा (पूजा) ८२ पूजोपकरण १६६
परा (वाणी) ४, ६, ४३, १६० पूज्य १९, १५७-१६२, १६६
परा (शक्ति) ५, ७, ११-१२, १९-२०, २३, पूरक २८-३०, ३२, ७२, १००
२५-२६, ८३-८५, १००, १५७-१५८, पूरण २४-२५
१६६-१७२ पूरिता ३२
परानन्द ६९, ८३ पूर्णाहन्ता १३, १८, १००, १४२,
परापर १६६, १७२ १६८-१७०
परापरा ११-१२, १६६-१६९, १७६ प्रकाश ९, २७, ३९, ६१, ६९, १००, १२३,
परामर्श ५०-५१ १४८-१४९, १६७
परावस्था ५, १८-२१ प्रकाशक १४८-१४९
परा संवित् ४१ प्रकाशबिन्दु ४१
पराहन्ता १३ प्रकाश्य १४८-१४९
परिमितप्रमाता २२, १५०, १५८ प्रकृति ९६
परिमिताहन्ता ११३, १४२, १५४ प्रज्ञापारमिता : १७२
पशु (प्रमाता) १५०-१५१, १६४, १६९ प्रणव ३६, ४३-४५, ४८-४९
पशुदर्शन १५३ प्रणवकला ११, १६
पश्यन्ती ४-५, ४३, १०१, १७२-१७३ प्रतिबिम्ब १४६-१४७
पाठ १५८ प्रत्यक्ष ६५-६६
पात ८९, १६९ प्रत्यभिज्ञा २२, ८७, ११९-१२०
पान ८०-८१ प्रत्याहार ९-१०
पानक ४७ प्रबुद्ध ४०, ७०, १४२-१४३
पानकचर्वणन्याय ४७ प्रबुद्धकल्प १४३
पाश १६४, १६७ प्रमाता २६, ५१, ५३-५४, ६१, ६६, ६८,
पिण्ड १५२-१५४, १७१ ८२, ११२, ११५, १६७-१६९, १७२
पिण्डदान १५४ प्रमाण २६, ५३-५४, ६८, ८३, १६७-१६९,
पिण्डमन्त्र ४३-४५, ४८-४९ १७२
पिपीलस्प ७२ प्रमेय २६, ५३-५४, ६८, ८२, १६७-१६९,
पीन ५८ १७२
पुत्रैषणा १०६ प्रलयाकल २८, ४४, ५१, १३४
पुर ५६ प्रश्लिष्ट ६