विज्ञान भैरव तन्त्र (११२ ध्यान धारणाएँ - हिन्दी व्याख्या सहित)
Vijnana Bhairava Tantra with Hindi Commentary
भगवान भैरव / प्रो. ब्रजवल्लभ द्विवेदी द्वारा
स्रोत: मोतीलाल बनारसीदास / चौखम्बा · मोतीलाल बनारसीदास / चौखम्बा · 1950 (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ेंविज्ञानभैरव : १८३
तत्त्वमञ्जरीकार ११३ नवजीवन रस्तोगी ८७
तत्त्ववैशारदी ७४ नामक १
तन्त्रकोश ३९ नारायण(भट्ट) ८१, १४४, १६२
तन्त्रयात्रा ६० नित्याषोडशिकार्णव ४, २१, १५९-१६०,
तन्त्रराजतन्त्र ६ १६९, १७५
तन्त्रशास्त्र २-३, ५९, ९४ निशाटन २
तन्त्रसार ३० निष्क्रियानन्दनाथ ८८
तन्त्रालोक १-३, ९-१०, १२, २४, ३२- नेत्रतन्त्र १०, ३३-३४, ४८,
३३, ३६, ४१-४२, ५६, ५८-६०, ६३, ६६, ८५-८६, ९७, १०८
६८, ७१-७२, ७८, ८३, ८७, १०९, नेत्रतन्त्रोद्योत १०, १९, २१, ३२, ६४-
१११, १६०-१६१ ६६, ८५, ९७-९८, १०८, ११५,
तन्त्रालोकविवेक ३, २०-२१, २४, ३१-३३, १२२, १३०, १६१
३९, ५५, ५८, ६२, ६५, ६७, ७१, नैयायिक ४७
७७, ८२, १०८, १११, ११५, न्यायभाष्य १८
११९-१२०, १२६, १४०, १४६,१५५, पञ्चदशी ६७, १४२
१५९-१६१, १७०, १७२-१७३ पतञ्जलि ३९, ७२
तपस्विराज ११३ परमार्थसार(टीका) ३७, १२३, १७३
तर्कसंग्रह १३६ परात्रिंशिका १२, ६४
तान्त्रिक योग की चरमोपलब्धि : विश्वाहन्ता परात्रिंशिकाव्याख्या ८, ६५, ७७-७९
१०० परापञ्चाशिका ९, १७५
तान्त्रिक साहित्य १०१ पाणिनि ९-१०, १०९, १४८
तैत्तिरीयब्राह्मण ६९ पालि साहित्य २९-३०, ७३, ९९
तैत्तिरीयसंहिता ६७, १३५ पुरश्चर्यार्णव १०१
तैत्तिरीयोपनिषद् ६९-७०, ८१, १३८ पुराण १०
त्रिकदर्शन ८७ पुष्पदन्त ४५
त्रिकशासन ७१ पौष्करागम ७
त्रिकशास्त्र १, ३, ८ प्रत्यभिज्ञाकारिका १६, २२, ११९-१२०,
त्रिशिरोभैरवतन्त्र ११, १६० १३८
दर्शनशास्त्र १०५ प्रत्यभिज्ञादर्शन ८७
दुर्गासप्तशती ४५ प्रत्यभिज्ञाशास्त्र ३
द्वैतवादी १५१ प्रत्यभिज्ञाहृदय ३०, ५४-५५,
धर्मशास्त्र १३१, १७१ ७५, ८०, ८२-८३, ९९-१००, ११५
धर्मशिवाचार्य ४२ प्रपञ्चसार ४, ३०
नरेन्द्रदेव (आचार्य) २९ प्रभाकौल १६६