सामग्री पर जाएँ
सर्वकोश
संग्रह पर लौटें

वात्स्यायन कामसूत्र (सान्वय सम्पूर्ण हिन्दी अनुवाद एवं सविस्तार व्याख्या - पं. रामानन्द शर्मा)

Vatsyayana Kamasutra with Complete Hindi Commentary by Ramanand Sharma

महर्षि वात्स्यायन (टीकाकार: पं. रामानन्द शर्मा) द्वारा

DevanagariHindipublished248 पृष्ठ

हमारे महत्त्वपूर्ण प्रकाशन
कामकुञ्जलता। (A collection of old and rare works of
Kama sastra) सम्पादक—ढुण्ढिराज शास्त्री २००-००
कामसूत्रम्। श्रीवात्स्यायनमुनिप्रणीतं। 'जयमङ्गला' संस्कृत एवं 'जया'
हिन्दी व्याख्या सहित। हिन्दी टीकाकार—डॉ० रामानन्द शर्मा ४००-००
पञ्चसायकः। श्रीज्यौतिरीश्वराचार्य विनिर्मितः। 'प्रकाश' हिन्दी टीका सहित तथा
दण्डी विरचितः नर्मकेलिकौतुकसम्वादश्च टीकाकार—डॉ० रामानन्द शर्मा ४०-००
रतिमञ्जरी। हिन्दी टीका सहित। श्रीरमाकांत द्विवेदी ७-००
रतिरत्नप्रदीपिका। प्रौढदेवराजविरचित। 'कामेश्वरी' हिन्दी व्याख्योपेता।
व्याख्याकार—वैद्य शङ्करदत्त शास्त्री २५-००
रतिरहस्यम्। काञ्चीनाथकृत 'दीपिका' संस्कृत 'प्रकाश' हिन्दी टीका
सहित। व्याख्याकार—डॉ० रामानन्द शर्मा ८०-००
केलिकुतूहलम्। (भाषानुवादसहितम्) रचयिता : पण्डित मथुराप्रसाद दीक्षितः शीघ्र
कालीरहस्यम्। 'शिवदत्ती' हिन्दी टीका सहित। (कालीपञ्चाङ्ग-कालीतन्त्र-कालीउपासना-
कालीपूजापद्धतिरूपात्मकम्)। सम्पादक—पण्डित शिवदत्त मिश्र शास्त्री ५०-००
कुलार्णवतन्त्रम्। संपादक हिन्दी व्याख्याकारश्च डॉ० सुधाकर मालवीय २००-००
क्रमदीपिका। केशवभट्टप्रणीत। डॉ० सुधाकर मालवीयकृत सविमर्श 'सरला'
हिन्दी व्याख्या सहित। १२५-००
गन्धर्वतन्त्रम्। श्लोकानुक्रमणिका सहित। सम्पादक—डॉ० रामकुमार राय १००-००
गौतमीयतन्त्रम्। महर्षि गौतमप्रणीतम्। सम्पादक—भागीरथ झा ४०-००
ज्ञानार्णवतन्त्रम्। ईश्वरप्रोक्त। संपादक : हिन्दीव्याख्याकारश्च डॉ० सुधाकर मालवीयं २००-००
Tripura Rahasya (Jnana khand). Trans. by A. U. Vasavada 100-00
Mahanirvana Tantram : A Prose English Translation
by M. N. Dutt 200-00
श्रीमाहेश्वरतन्त्रम् (अपौरुषेयम् नारदपाञ्चरात्रान्तर्गतम्। 'सरला' हिन्दी व्याख्योपेतम्।
संपादक व्याख्याकार—डॉ० सुधाकर मालवीय २००-००
फोन : ३३३४५८
अपरञ्च पुस्तक-प्राप्तिस्थानम्
(सहयोगी संस्था)
चौखम्बा संस्कृत सीरीज आफिस
के. ३७/९९, गोपाल मन्दिर लेन, गोलघर (मैदागिन) के पास
पो. बा. नं. १००८, वाराणसी-२२१००१ (भारत)
E-mail : [email protected]