वैयाकरण सिद्धान्त कौमुदी (भट्टोजि दीक्षित - बालमनोरमा व तत्त्वबोधिनी टीका सम्पूर्ण पूर्वार्ध)
Vaiyakarana Siddhanta Kaumudi of Bhattoji Dikshita with Commentary
भट्टोजि दीक्षित (टीकाकार: वासुदेव दीक्षित एवं ज्ञानेन्द्र सरस्वती) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें( १९८ ) धातूसूची ।
पृष्ठाङ्काः धातवः | पृष्ठाङ्काः धातवः | पृष्ठाङ्काः धातवः | पृष्ठाङ्काः धातवः
३५४ धक्क | ३०६ घेट् | २६१ नर्द | २८२ पर्व
२८५ घण (पा.) | २८९ धोत्रे | ३५८ नल | २८९ पर्व
३३१ घन | ३०७ धमा | २६७ नाथू | ३०२ पल
२९० घवि | ३०७ ध्ये | २६७ नाथ् | ३६१ पल्पूल
३३० (डु) धाञ् | २७६ भ्रज | ३६१ निवास | ३५७ पश
२९० धावु | २७६ भ्राज | ३५६ निष्क | ३६१ पष
३५४ धि | २८५ भ्रण | २८८ नील | ३५४ पंस
२९१ धिक्ष | ३५२ (उ) भ्रस | ३३१ नृती | ३०७ पा
२९० धिवि | ३५८ (उ) भ्रस | ३०० नॄ | ३२३ पा
३३१ धिष | २९३ भ्रांक्ष | ३५० न | ३६३ पार
३३२ धीङ् | २७३ भ्राम् | ३५३ पक्ष | ३५४ पाल
२९१ धुक्ष | २७३ भ्राशु (पा.) | १९३ पक्ष (पा.) | ३४४ पि
३३८ धुञ् | २७९ भ्राडू | २७९ पट | ३५४ पिच्छ
२८९ धुर्वी | ३०९ ध्रु | ३५८ पट | ३५४ पिज (पा.)
३४३ धू | ३४४ ध्रु | ३६० पठ | ३१९ पिजि
३३८ धूञ् (पा) | ३४४ ध्रुव (पा.) | २८० पठ | ३५४ पिजि
३५० धून् | २७२ भ्रेश्च | २७९ पांड | ३५८ पिजि
३६० धून् | ३०७ भ्रै | ३५४ पडि • | २७९ पिट
२८२ धूप | २७६ ध्वज | ३१४ (डु) पचष् | २८० पिठ
३५८ धूप | २७६ ध्वजि | २७४ पचि | २७८ पिंडि
३३३ धूरो | २८५ ध्वण | ३५६ पचि | ३५६ पिंडि
३५५ धूष (पा.) | ३०१ ध्वन | २८३ पण | २८९ पिवि
३५५ धूष (पा.) | ३०२ ध्वन | ३६० पत | ३४५ पिश
३५५ धूष | ३६२ ध्वन | ३०२ पट्लृ | ३४६ पिष्लृ
३१० धृङ् | ३०१ ध्वानि (पा.) | ३५३ पथ (पा.) | ३५४ पिस
३४४ धृङ् | २९६ ध्वन्सु | ३५४ पथि | ३५८ पिसि
२७६ धृज | २९३ ध्वांक्ष | ३०२ पथे | २९५ पिस्कृ
२७६ धृजि | ३०८ ध्वृ | ३३४ पद | ३३२ पीड्
३०६ धृञ् | ३५४ नक्क | ३६२ पद | ३५३ पीड
३६० धृष | ३५३ नट | २८३ पत | २८८ पील
३३९ णि धृषा | २७९ नट | २८६ पय | २८९ पीव
३५० ध (पा.) | ३५८ नट | ३६४ पर्ण | ३४३ पुट
३६३ धेक | २९९ नट | २६९ पर्द | ३५८ पुट
| २७२ (टु) नदि | २८२ पर्प | ३६३ पुट