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सर्वकोश
वैयाकरण सिद्धान्त कौमुदी (भट्टोजि दीक्षित - बालमनोरमा व तत्त्वबोधिनी टीका सम्पूर्ण पूर्वार्ध)

वैयाकरण सिद्धान्त कौमुदी (भट्टोजि दीक्षित - बालमनोरमा व तत्त्वबोधिनी टीका सम्पूर्ण पूर्वार्ध)

Vaiyakarana Siddhanta Kaumudi of Bhattoji Dikshita with Commentary

भट्टोजि दीक्षित (टीकाकार: वासुदेव दीक्षित एवं ज्ञानेन्द्र सरस्वती) द्वारा

DevanagariHindipublished835 पृष्ठ

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(३०) अष्टाध्यायी-
॥ ३१ ॥ पश्चात् ॥ ३२ ॥ पश्च पश्चा च च्छन्दसि ॥ ३३ ॥ उत्तराधरदक्षिणादातिः ॥
॥ ३४ ॥ एनबन्तरस्यामदूरेऽपञ्चम्याः ॥ ३५ ॥ दक्षिणादाच् ॥ ३६ ॥ आहि च दूरे ॥
॥ ३७ ॥ उत्तराच्च ॥ ३८ ॥ पूर्वाधरावराणामसि पुरववश्चैषाम् ॥ ३९ ॥ अस्ताति च ॥
॥ ४० ॥ २ ॥ विभाषावरस्य ॥ ४१ ॥ संख्याया विधार्ये धा ॥ ४२ ॥ अधिकरणविचाले च
॥ ४३ ॥ एकाद्धो ध्यमुञन्यतरस्याम् ॥ ४४ ॥ द्वित्र्योश्च धमुञ् ॥ ४५ ॥ एधाच्च ॥ ४६ ॥
याप्ये पाशप् ॥ ४७ ॥ पूरणाद्भागे तीयादन्न् ॥ ४८ ॥ प्रागेकादशभ्योऽच्छन्दसि ॥ ४९ ॥
षष्ठाष्टमाभ्यां ञ च ॥ ५० ॥ मानपश्वङ्गेभ्यः कन्लुकौ च ॥५१ ॥ एकादाकिनिच्चासहाये ॥५२॥
भूतपूर्वे चरट् ॥ ५३ ॥ षष्ठ्या रूप्य च ॥ ५४ ॥ अतिशायने तमबिष्ठनौ ॥