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सर्वकोश
वैयाकरण सिद्धान्त कौमुदी (भट्टोजि दीक्षित - बालमनोरमा व तत्त्वबोधिनी टीका सम्पूर्ण पूर्वार्ध)

वैयाकरण सिद्धान्त कौमुदी (भट्टोजि दीक्षित - बालमनोरमा व तत्त्वबोधिनी टीका सम्पूर्ण पूर्वार्ध)

Vaiyakarana Siddhanta Kaumudi of Bhattoji Dikshita with Commentary

भट्टोजि दीक्षित (टीकाकार: वासुदेव दीक्षित एवं ज्ञानेन्द्र सरस्वती) द्वारा

DevanagariHindipublished835 पृष्ठ

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ासुके ॥ ३५ ॥ अदो
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जग्धिरित्यति किति ॥ ३६ ॥ लुङ्सनोर्घस्लृ ॥ ३७ ॥ घञपोश्च ॥ ३८ ॥ बहुलं छन्दसि ॥ ३९ ॥
लिट्यन्यतरस्याम् ॥ ४० ॥ २ ॥ वेञो वयिः ॥ ४१ ॥ हनो वध लिङि ॥ ४२ ॥ लुङि च ॥ ४३ ॥
आत्मनेपदेष्वन्यतरस्याम् ॥ ४४ ॥ इणो गा लुङि ॥ ४५ ॥ णौ गमिरुबोधने ॥ ४६ ॥
सनि च ॥ ४७ ॥ इडश्च ॥ ४८ ॥ गाङ् लिटि ॥ ४९ ॥ विभाषा लुङ्लृङोः ॥ ५० ॥
णौ च संश्चङोः ॥ ५१ ॥ अस्तेर्भूः ॥ ५२ ॥ ब्रुवो वचिः ॥ ५३ ॥ चक्षिङः ख्याञ् ॥ ५४ ॥
वा लिटि ॥ ५५ ॥ अजेर्व्यघञपोः ॥ ५६ ॥ वा यौ ॥ ५७ ॥ प्यङ्क्ष्त्रियार्षञितो यूनि
लुगणिञोः ॥ ५८ ॥ पैलादिभ्यश्च